
शायद हमारे कूचा ऐ अमन को किसी की नजर लग गई है। जो कुचामन कुछ साल पहले क्षेत्र का सर्वाधिक शांतिप्रिय और विकासशील शहर के रूप में जाना जाता था, आज इस शहर में हर तरह का अपराध अपने चरम पर है। समय-समय पर क्विक न्यूज इन सबके खिलाफ आवाज उठाता रहा है। खुशी की बात है की आधिकारिक रूप से मानवाधिकार सुरक्षा संगठन का सहयोग क्विक न्यूज़ को मिल गया है। आज तक क्विक न्यूज़ अकेला लड़ रहा था, लेकिन अब हर भ्रष्टाचार के मामले में मानवाधिकार सुरक्षा संगठन क्विक न्यूज़ के कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करने को तत्पर है। और आप सभी समझते हैं कि एक और एक ग्यारह होते हे l

ताज़ा मामला धोखाधड़ी से फर्जी रजिस्ट्री करवाने का सामने आया है। मामला कुछ इस तरह है निकटवर्ती ग्राम दीप पुरा निवासी उदाराम और उनके भाई कुनण मल, प्रभु राम, मदनलाल तथा उनके स्वर्गवासी भाई हीरालाल की दीप पूरा में स्थित खाता संख्या 202 के खसरा नंबर 271 के खेत की भूमि में नगर परिषद कुचामन सिटी ने 0. 3767 हेक्टेयर जमीन में सड़क का निर्माण करवा दिया था। इस रिंग रोड में बनाई गई जमीन खसरा नंबर 649 / 271 कायम हो गया है। लेकिन नामांतरण नहीं होने के से कागजो में खातेदारी में दर्ज है।

अब खेल शुरू होता है दोस्तों 3 साल पहले इन्हीं के रिश्तेदार नंदकिशोर पुत्र रुग्गा राम कुमावत और कुचामन सिटी के ही अधिवक्ता अशोक पुरी आदि ने इन लोगों को से संपर्क बढ़ाने शुरू कर दिए। साथ ही इन्हें यह विश्वास दिलाना शुरू कर दिया कि वह इन्हें उचित से अधिक मुआवजा दिलवा दे देंगे। अब यह भोले किसान इनके चक्कर में आगऐ। दोस्तों धीरे-धीरे इन लोगों ने इनसे सभी कागजातों पर दस्तक करवा लिए। रिश्तेदारी होने के कारण कुमावत बंधुओ ने इन पर आंख मूंदकर विश्वास कर लिया।

यहां यह गौरतलब है कि नंदकिशोर और अशोक पुरी ने इन्हें लगभग 11 लाख रुपए का मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया था। पीड़ित और उनके साथ समाज सेवक राजकुमार फौजी, गोविंद राम कुमावत आदि काफ़ी लोगों के साथ स्थानीय विधायक एवं राजस्व राज्य मंत्री श्री विजय सिंह चौधरी के पास पहुंचे। तो वहां भी इन्हें कोई खास सफलता नहीं मिल पाई। उल्टा मंत्री महोदय के सामने ही अशोक पुरी द्वारा प्रभु राम आदि को धमकियां दी गई। यह बात हम नहीं कह रहे हैं यह बात खुद प्रभु राम कह रहे हैं सुनिए संलग्न वीडियो में।

तो दोस्तों इस संबंध में हमने कई लोगों से बातचीत की पूर्व विधायक एवं पूर्व मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी ने इस विषय में कहा कि “ कुचामन में इस तरह की घटना होना बेहद दुर्भाग्य पूर्ण है। एक गरीब किसान की जमीन को बहला फुसला कर हड़पने की कोशिश करना एक कायरता पूर्ण कृत्य है। और यह कारनामा राजनीतिक संरक्षण के बगैर होना नामुमकिन है। आगे महेंद्र चौधरी कहते हैं आशा है की धोखाधड़ी के मामले में मंत्री महोदय खुद संज्ञान लेकर बगैर किसी पूर्वाग्रह के पीड़ित पक्ष को न्याय दिलवाने में पहल करेंगे।”

वहीं पूर्व विधायक स्वर्गीय श्री हरीश कुमावत के सुपुत्र एवं कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष श्री मुकेश कुमावत का कहना है कि “कुचामन जैसे शहर में इतनी बड़ी धोखाधड़ी की घटना होना बगैर राजनीतिक संरक्षण के नामुमकिन है। हम सभी एक साथ मिलकर इस अन्यायपूर्ण कृत्य के विरोध मे अपनी आवाज उठाएंगे और पीड़ित पक्ष को न्याय दिलवाएंगे।”

वही मानवाधिकार सुरक्षा परिषद के प्रदेश अध्यक्ष श्री मुन्नालाल काछवाल ने स्पष्ट रूप से कहा है “इस मामले को हमारी संस्था के द्वारा केंद्र सरकार के संज्ञान में लाने में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी एवं इस शांतिप्रिय शहर कुचामन सिटी का इस तरह से अपराधीकरण होते हुए किसी भी सूरत मे नहीं देखा जा सकता। हम हर हालत में पीड़ित पक्ष के साथ खड़े हैं और अपराधियों को सजा दिलवा के रहेंगे चाहे हमें इसके लिए अपनी आवाज को किसी भी तरह से उठाना पड़े।

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