
नवनिर्वाचित नगर परिषद के सभापति और सदस्यों के स्वागत का दौर चल रहा है। इसी क्रम में कल बालाजी विहार कॉलोनी में नवनिर्वाचित सभापति जी महेश रामचंद्रका, पार्षदा श्रीमती मधु जांगीड, पार्षद श्री विक्रम राजोरिया, और उप सभापति श्री बाबूलाल जांगीड का स्वागत किया गया। कॉलोनी के प्रबुद्ध जनों द्वारा सभी पार्षदो का स्वागत माला दुपट्टा और साफा पहनाकर किया गया। इस अवसर पर सभापति ने कहा कि नगर के विकास को नए आयाम देने के लिए परिषद कृत संकल्प है। विकास के मार्ग में आने वाली हर बाधा को कुचामन की जनता के सहयोग से दूर किया जाएगा। वही पार्षद विक्रम राजोरिया ने वार्ड वासियों से वादा किया कि पिछले कार्यकाल में बचे अधूरे कार्य जल्दी ही पूरे किए जाएंगे और वार्ड के विकास हेतु नई योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा। इस अवसर पर सेवा निवृत्त थानेदार श्री भंवर सिंह जी, श्री विनोद जी आचार्य, श्री छगन जी शर्मा, श्री बाबूलाल जी जांगिड़, श्री पवन जी डालुका, श्री सुदीप तोलंबिया,श्री राजकुमार सोनी, लादूराम जी कुमावत,श्री जीवन जी कुमावत, श्री कुनन जी कुमावत, श्री रमेश जी सोनी, श्री गिरधारी सोनी, श्री सुभाष जी सोनी आदि मौजूद थे।

वहीं दूसरी और कुचामन विकास समिति की ओर से 28 सितंबर को सांय सभापति उपसभापति एवं विजय प्राप्त सभी 45 पार्षदों का स्वागत समारोह रखा गया जिसमें नगर के प्रमुख संस्थाओं को भी सम्मान करने के लिए आमंत्रित किया गया।संस्कृति जागरण समिति के महामंत्री मोहनलाल सोनी एवं कार्यालय मंत्री अनिल जी माथुर ने सभापति श्री महेश जी रामचंद्रका जी के स्वागत में माल्यार्पण के साथ बङी फोटो फ्रेम स्वागत के रूप में दी गई। जिसमें महेश जी रामचंद्रका के नाम के पहले अक्षर को बड़े रूप में दिखाकर कविता प्रस्तुत की गई जिसमें उनके पारिवारिक सामाजिक एवं राजनीतिक पृष्ठभूमि को दर्शाया गया |

साथ ही आपको उपसभापति जी को एवं समस्त पार्षदों को स्वागत पत्र के रूप में “आपसे अपेक्षा” शहर की ज्वलंत 13 प्रमुख समस्याओं के निराकरण हेतु दिया गया। जिसमें मुख्य रूप से स्वच्छ कुचामन स्वस्थ कुचामन, अतिक्रमण मुक्त सङकें, यातायात व्यवस्था हेतु डिवाइडर रोङ, उचित पार्किंग व्यवस्था, आवारा पशुओं पर रोकथाम हेतु नंदीशाला, शहर में 10 सार्वजनिक पार्क, स्टेडियम में आवश्यक सुधार, कुचामन में मिनी सचिवालय बने, शिवरीज में सुधार, त्योहारों को धूमधाम से मनाना व होली को राष्ट्रीय पहचान दिलाना, सार्वजनिक मंच व्यवस्था, एरोड्रम के लिए भूमि आवंटन, मायड़ भाषा राजस्थानी को मान्यता के लिए प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजना व आपसी बोल-चाल,भाषण राजस्थानी भाषा में ही हो |

स्मरण रहे! समिति हर वर्ष एक आपसे “अपेक्षा पत्र” तैयार करती है जिसमें नगर की प्रमुख समस्याओं का मांग पत्र होता है। संबंधित मांगों को निवारण के लिए संबंधित अधिकारी मंत्री जी से मिलना जुलना व पत्र व्यवहार चलता रहता है। इसी “आपसे अपेक्षा” पत्र से नगर परिषद से संबंधित कुछ प्रमुख मांगो का “आपसे अपेक्षा” पत्र तैयार कर सभी पार्षदों को स्वागत पत्र के रूप में सौंपी गई है। जिसकी प्रति प्रमुख गणमान्य लोगों व को भी दी गयी है।पिडीएफ भी जारी किया है। विश्वास सभी पार्षद अपने प्रदत्त शक्तियों का उपयोग लेते हुए इस “आपसे अपेक्षा” पत्र की मांगों को बहुत जल्दी पूर्ण करेंगे।
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