Wednesday , 30 September 2026

कुछ उम्मीदे नव निर्वाचित सभापति महोदय से

दोस्तों शहर की नई सरकार चुन ली गई है। श्री महेश रामचंद्रका के रूप में कुचामन को नए सभापति मिले है। वैसे तो श्री रामचंद्रका के सामने कई चुनौतियां हैं, इन सब पर क्विक न्यूज़ एक अलग से कार्यक्रम करेगा लेकिन पहले वह दो मुद्दे जो क्विक न्यूज़ ने प्रमुखता से पिछले दिनों उठाए थे उन पर आधारित है आज का कार्यक्रम। काफी दिनों पहले से क्विक न्यूज़ जनहित के कई मुद्दे अपने मंच से उठता रहा है। इन मुद्दों में से दो बड़े मुद्दे जो क्विक न्यूज़ ने मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के सहयोग से उठाए हैं और काफी शिद्दत से उठाए हैं। इनमें से एक मुद्दा जिसे लेकर मानवाधिकार सुरक्षा संगठन ने अदालत में जनहित याचिका भी लगाई थी। माननीय जज साहब ने फैसला भी हमारे पक्ष में दिया था। 

             लेकिन समय बीतने के साथ ही धीरे-धीरे वही ढाक के तीन पाट तो दोस्तों पहला मुद्दा जो हमने उठाया था तेज आवाज में बजते डीजे जिससे न सिर्फ आमजन परेशान  है बल्कि परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के अध्ययन में भी बाधा आती है। बारात भवनो मे बजने वाले फ्लोर डीजे पर तो काफी हद तक अंकुश लगा है लेकिन मोबाइल डीजे का तो क्या ही कहा जाए। इससे पहले आगे बढ़े देखिए एक संलग्न वीडियो जिसमें तेज आवाज से होने वाले नुकसान को स्पष्ट रूप से दिखाया गया है।

               पहले धार्मिक यात्राओं में तेज आवाज में बजते डीजे फिर चुनावी प्रचार और फिर विजय जुलुस। तो क्या एक बार फिर से हमें मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के सहयोग से अदालत की शरण लेनी पड़ेगी। क्योंकि लगता नहीं कि बगैर सख्ती के इन पर अंकुश लगाया जा सकेगा। मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष श्री मुन्नालाल काछवाल का स्पष्ट रूप से कहना है कि “ किसी भी हालत में तेज आवाज में बजने वाले डीजे पर रोक लगनी आवश्यक है” और हम इस विषय पर संघर्ष करते रहेंगे जब तक हम इन पर पूर्ण रूप से रोक नहीं लगवा दें।

               बहरहाल दूसरा प्रमुख मुद्दा है जिसे हमने मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के सहयोग से प्रमुखता से उठाया था वह है व्यावसायिक संस्थानों में माकूल अग्नि शमन व्यवस्था। दोस्तों पिछले दिनों कई जगह आग लगने की घटनाएं सामने आई है। यहां तक की कुचामन के ही स्टेशन रोड पर एक निजी फाइनेंस कंपनी की बिल्डिंग में भी पिछले दिनों आग लग गई थी। क्विक न्यूज़ ने मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के सहयोग से इस मुद्दे को पूरी शिद्धत के साथ उठाया था। 

               आयुक्त श्री शिकेश काकरिया ने भी बगैर कौताही बरते सभी बड़े व्यावसायिक संस्थानों मसलन होटल स्कूल और निजी चिकित्सालय की जांच करके आवश्यक व्यवस्था करने के लिए बाध्य भी किया था। यहां गौरतलब है कि काफी जिम्मेदार लोगों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए अपने अपने संस्थान में अग्नि शमन प्लांट लगवा दिए थे। लेकिन अभी भी लगभग 70% संस्थानों में अग्नि शमन व्यवस्था का अभाव है। 

                इस संबंध में मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के मुन्नालाल काछवाल का कहना है कि यद्यपि नवनिर्वाचित सभापति जनहित में स्वागत योग्य बड़े फेसले ले रहे हैं लेकिन हमारे द्वारा उठाए गए उपरोक्त दोनों मुद्दों पर भी गंभीरता से कदम उठाए क्योंकि दोनों ही संवेदनशील मुद्दे हैं और जनहित से जुड़े मुद्दे हैं। आशा है कि नवनिर्वाचित सभापति अपनी टीम के साथ इन दोनों मुद्दों पर गंभीरता से काम करेंगे।

                     क्या कहता है कानून 

                 यहां यह भी जानना आवश्यक है कि नेशनल बिल्डिंग कोड पार्ट 4th में स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि यदि बड़ी बिल्डिंग में दो या दो से अधिक मंजिलें हैं तो पूरा अग्निशमन प्लांट उसे बिल्डिंग में होना आवश्यक है साथ ही आग लगने की स्थिति में बिल्डिंग में फायर एग्जिट की भी समुचित व्यवस्था होना आवश्यक है। तो यहां क्विक न्यूज़ भी सभापति महोदय से अपील करता है कि इन सभी बहुमंजीला की इमारतो की पूरी जांच कर इनमें अग्नि शमन हेतु पूरी व्यवस्था करवाऐ ताकि भविष्य मे किसी गंभीर घटना क्या हमारे शहर को सामना नहीं करना पड़े।

About Manoj Bhardwaj

Manoj Bhardwaj
मनोज भारद्धाज एक स्वतंत्र पत्रकार है ,जो समाचार, राजनीति, और विचार-शील लेखन के क्षेत्र में काम कर रहे है । इनका उद्देश्य समाज को जागरूक करना है और उन्हें उत्कृष्टता, सत्य, और न्याय के साथ जोड़ना है। इनकी विशेषज्ञता समाचार और राजनीति के क्षेत्र में है |

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