Monday , 18 May 2026

दिवंगत नेता की स्मृति में स्वेच्छिक रक्दान शिविर

दिनांक 17 मई 2026 को स्वर्गीय ठाकुर साहब मोहब्बत सिंह जी खारिया की पंचम पुण्यतिथि के अवसर पर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खारिया में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का आयोजन ठा. उदय सिंह खारिया एवं समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से किया गया। शिविर में क्षेत्र के युवाओं एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए 152 यूनिट रक्तदान किया। “रक्तदान महादान” के संदेश को आत्मसात करते हुए लोगों ने मानव सेवा के इस पुनीत कार्य में अपनी भागीदारी निभाई।

इस अवसर पर माननीय विजय सिंह चौधरी (राज्य मंत्री, राजस्थान सरकार), आसिफ खान (पूर्व सभापति, नगर परिषद कुचामन सिटी), रामनिवास पोषक (युवा नेता, आरएलपी), भूराराम शेषमा (नेता, आरएलपी), भंवर अली खान (कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष, नावां), विजेंद्र सिंह भांवता, दलपत सिंह गच्छीपुरा, दशरथ सिंह खारिया, शिम्भु सिंह खारिया परमानंद सिंह शेखावत, गंगा सिंह चौहान, माधव प्रसाद धूत. ईश्वर राम सोऊ राजु राम फोजी बुधाराम हरिश मेधवाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

सभी अतिथियों ने स्वर्गीय ठाकुर साहब मोहब्बत सिंह जी खारिया के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। रक्तदान शिविर में श्याम ब्लड बैंक, कुचामन सिटी एवं बीडी मेमोरियल ब्लड सेंटर, जयपुर द्वारा रक्त संकलन किया गया। कार्यक्रम के दौरान सभी आगंतुकों एवं रक्तदाताओं के लिए उत्तम व्यवस्था की गई, जिससे शिविर का आयोजन सफल एवं प्रेरणादायक रहा।

गौरतलब है की स्व.श्री मोहब्बत सिंह खारिया नावा कुचामन क्षेत्र के कांग्रेस के बहुत ही प्रभाव शाली नेता रहे हे I जिला परिषद् सदस्य के रूप में इनकी ख्याति दूर दूर तक थी l साथ ही आम जनता के सुख दुःख में भी स्व.खारिया हमेशा खड़े रहते थे I इन्ही में से कुछ घटनाए आपके सामने पेश हे l

१: एक आईपीएस को जेल जाने से बचाया !
1981 में कुचामन में नवनिर्मित कृषि मंडी का उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवचरण माथुर के कर कमलों से होना तय हुआ l इस समय नागौर के एसपी हरिश्चंद्र मीना थे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में के एसपी हरिश्चंद मीणा व विधायक रामेश्वर लाल चौधरी के किसी बात को लेकर झड़प हो गई l एसपी को नागवार गुजरा एसपी खून की घूंट पीकर रह गये कुछ दिन बाद रामेश्वर लाल जी किसी मुकदमे में नाम दर्ज हो गए एसपी को मौका मिल गया और मकराना थाने में बुलाकर अभद्र व्यवहार किया l सताधारी विधायक थे और विधानसभा तक गूंज हुई हरिश्चंद्र मीना पर कार्रवाई हुई नौकरी से बर्खास्त कर मुकदमा दर्ज किया गया l कांग्रेस की सत्ता थी जेल जाना जाना तय हो गया था I इस समय एसपी हरिश्चंद्र मीणा किसी तरह अपनी नौकरी और जेल से बचने का जुगाड़ करने लगे वकीलों ने राय दी राजीनामा के अलावा कोई रास्ता नहीं हैl

पता लगाया कि रामेश्वर लाल जी चौधरी के सबसे नजदीक व्यक्ति कौन है जो विधायक जी को मना सके l सामने एक ही नाम उभर कर आया खारिया ” ठाकुर मोहब्बत सिंह जी” एक रात एसपी साहब ठाकुर साहब के गढ़ में आए और अपनी पूरी समस्याएं ठाकुर साहब को अवगत करा दी उन्होंने अनुरोध किया कि कैसे भी मुझे बचा लो मैं “आपका यह एहसान जीवन भर नहीं भूलूंगा” ठाकुर साहब दयावान थे दिल पसीज गया और सकारात्मक हांमी भर दी मौका देखकर कुछ समय बाद विधायक जी से बात की गई और विधायक जी ठाकुर की बात को टाल नहीं सके ! राजीनामा पेश हुआ और एसपी हरिश्चंद्र मीणा जैल और नौकरी जाने से बच गये एसपी ने एहसान मान और बोले “ठाकुर साहब मेरे लिए कोई भी काम हो तो मैं आपके लिए आधी रात को ही तैयार रहूंगा” एसपी से आईजी हो गए और अपना वादा बराबर निभाते रहे l

२: दूसरी घटना 1998 की है जब नावा के एक संपन्न नमक के व्यापारी सुरेश बेरीवाल को पंजाब एटीएस पंजाब के गैंगस्टर से संपर्क होने के शक में बिना सूचना दिए उठा कर ले गई l परिवार के हाथ पांव फूल गए और आसपास के गांवों में अपहरण चर्चा का विषय बन गया परिवार और रिश्तेदारों के समझ में नहीं आ रहा था क्या किया जाए l परिवार का रो-रो कर बुरा हाल था पूरा परिवार डरा सहमा था और इस समय एक आशा की किरण दिखाई दी “ठाकुर मोहब्बत सिंह खारिया” ठाकुर देवदूत बनकर आए और तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरूं सिंह जी से बातचीत कर सुरेश बेनीवाल को गुरदासपुर पंजाब से 10 दिनों के भीतर पंजाब जाकर एटीएस से मुक्त कराकर घर वालों को सुपुर्द किया ! यह घटना उन दिनों में काफी चर्चा मैं रही !
ऐसी कई घटनाएं है जो उनकी जीवनी पर एक पूरी पुस्तक लिखी जा सकती है!
ठाकुर साहब को बिछड़े आज पूरे 4 वर्ष हो गए लेकिन उनकी यादें हमेशा हम सबके दिलों में रहेगी l


ठाकुर साहब को बिछड़े आज पूरे 4 वर्ष हो गए लेकिन उनकी यादें हमेशा हम सबके दिलों में रहेगी!आज हम सब अत्यंत भारी मन से हमारे बीच से असमय विदा हो चुके हैं स्वर्गीय श्रीमान ठाकुर मोहब्बत सिंह जी की स्मृति में रक्तदान शिविर का आयोजन करवा रहे है रक्त से बढ़कर कोई बड़ा दान नहीं हो सकता है जो मरते हुए व्यक्ति को ज़िंदा कर देता है। ऐसो ही गुण स्वर्गीय ठाकुर मोहब्बत सिंह जी में था वो निराश हुए व्यक्ति में आशा का संचार कर देते थे।

मृत्यु तो अटल सत्य है जिससे स्वीकार करना हम सभी के लिए बहुत कठिन है स्वर्गीय ठाकुर मोहब्बत सिंह जी केवल एक भाई, पिता, मित्र ही नहीं बल्कि एक बहुत ही नेक दिल और दयालु इंसान थे,उनका पूरा जीवन संघर्ष,ईमानदार और परोपकर से भरा हुआ था । उन्होंने हमेशा अपने परिवार को जोड़ा और समाज में एक मिसाल क़ायम की, वे अपने से पहले दूसरो की मदद के बारे में सोचते थे । उनका व्यक्तित्व बहुत ही प्रभावशाली था । यह मैंने उनके साथ रखकर महसूस किया वो किसी भी बड़े अधिकारी , मंत्री, के कार्यालय में जाकर बैठते ही सामने वाले पर बड़ा विचित्र प्रभाव पड़ता वह कोई भी काम कह देते तो सामने वाले की मना करने की हिम्मत नहीं होती थी । ऐसा मैंने कई बार महसूस किया है
हम भले ही आज उन्हें शारीरिक रूप से खो चुके हैं लेकिन उनके कर्म और उनकी यादें हमेशा हमारे दिलों में ज़िंदा रहेगी । हम ईश्वर से प्रार्थना करते है की वो आज जहाँ भी है एक चमकते ध्रुव तारे की तरह हमारा मार्ग दर्शन करते रहें

-दशरथ सिंह खारिया

About Manoj Bhardwaj

Manoj Bhardwaj
मनोज भारद्धाज एक स्वतंत्र पत्रकार है ,जो समाचार, राजनीति, और विचार-शील लेखन के क्षेत्र में काम कर रहे है । इनका उद्देश्य समाज को जागरूक करना है और उन्हें उत्कृष्टता, सत्य, और न्याय के साथ जोड़ना है। इनकी विशेषज्ञता समाचार और राजनीति के क्षेत्र में है |

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