Sunday , 11 October 2026

जिलाधीश के आदेशो की धज्जिया उड़ाते निजी स्कुल

    भीषण गर्मी पड़ना शुरू हो गई है। तापमान लगभग 45 डिग्री को छूने लगा है। भारी गर्मी को देखते हुए जिला डीडवाना- कुचामन के जिला कलेक्टर ने 16 अप्रैल को जिले के समस्त सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों के लिए एक आदेश जारी करते हुए विद्यालयों के समय मे परिवर्तन के आदेश दिए थे।

           आदेश आपकी पूरी स्क्रीन पर मौजूद है। जिलाधीश के आदेशों के अनुसार तेज गर्मी के कारण सभी विद्यालयों में 17 अप्रैल से  कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए समय प्रातः 7:30 से 11:30 तक रहेगा।आदेश इस प्रकार है।

तेज गर्मी के कारण स्वास्थ्य को प्रभावित करने की परिस्थितियो को मध्यनजर रखते हुए सभी राजकीय एवं गैर राजकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओ के बचाव एवं निर्बाध शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित् करने के लिए जिला कलक्टर श्री पुखराज सेन ने आदेश जारी कर विद्यालयों के समय में बदलाव किया है।

जिला कलक्टर एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन आपदा प्राधिकरण डीडवाना कुचामन द्वारा आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के अध्याय 4 की धारा 30 में प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी कर डीडवाना कुचामन जिले में संचालित कक्षा 8 तक समस्त सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयो में अध्ययनरत विधार्थियो की नियमित कक्षाओ के संचालन का समय दिनांक 17 अप्रेल से सत्रांत तक प्रातः 7:30 बजे से दोपहर 11:30 बजे तक किया गया है।

जिला कलक्टर द्वारा जारी आदेश अनुसार परीक्षा कार्यक्रम पूर्व आदेशानुसार यथावत रहेगा |

           लेकिन शायद किसी भी निजी विद्यालय ने इस आदेश को नहीं माना है। स्कूल पहले की तरह यथावत चल रहे हैं। आखिर विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के से खिलवाड़ तब तक चलेगा।

         बात यही नहीं रुकती दोस्तों क्विक न्यूज़ ने पहले भी कई बार राष्ट्रीयकृत अवकाश पर विद्यालय संचालित होने के विषय पर कार्यक्रम किए है। अब कल गुड फ्राइडे था। राष्ट्रीय अवकाश घोषित था। लेकिन कुचामन के किसी भी निजी विद्यालय ने इस अवकाश को मानने से इनकार कर दिया।

         क्विक न्यूज़ के ही एक प्रबुद्ध दर्शक ने नाम न बताए जाने की शर्त पर कुछ वीडियो भेजे है। आईए देखते हैं वीडियो और भीषण गर्मी से तृस्त बच्चों की हालत। अब तो लगता है कि निजी विद्यालय की हठ धर्मिता किसी भी सरकारी आदेश के ऊपर है।ना निजी विद्यालय कलेक्टर का आदेश मानते हैं। ना शिविरा का आदेश मानते हैं। और नाहीं शिक्षा विभाग के स्थानीय अधिकारियों के आदेशों कों ही मानते हैं। निजी विद्यालय किसी भी सरकारी आदेश को मानने पर बाध्य नहीं है।

About Manoj Bhardwaj

Manoj Bhardwaj
मनोज भारद्धाज एक स्वतंत्र पत्रकार है ,जो समाचार, राजनीति, और विचार-शील लेखन के क्षेत्र में काम कर रहे है । इनका उद्देश्य समाज को जागरूक करना है और उन्हें उत्कृष्टता, सत्य, और न्याय के साथ जोड़ना है। इनकी विशेषज्ञता समाचार और राजनीति के क्षेत्र में है |

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