
दोस्तों त्यौहारो का सीजन सामने है। आने वाले समय मे नवरात्र, दशहरा एवं दिवाली जैसे प्रमुख त्यौहार है। जाहिर सी बात है कि इन त्योहारों पर बाजार में भीड़ भी अत्यधिक होती है। तो क्विक न्यूज़ और मानवाधिकार सुरक्षा संगठन दोनों ने संयुक्त रूप से स्थिति का अवलोकन किया। दोस्तों चौंकाने वाली बातें सामने आई।अतिक्रमण ने वैसे तो पूरे कुचामन की व्यवस्था को बिगाड़ रखा है। लेकिन कुछ जगह तो अतिक्रमण हद से ज्यादा है।

तो हमने पहला पॉइंट देखा गोल प्याऊ से पहले सियाराम लौज़ के सामने। सब्जी मंडी के फल विक्रेताओं के ठेले। अब इस सब्जी मंडी में अग्रवाल भवन भी है। जैन मंदिर भी है और आगे कई रिहायशी और व्यावसायिक परिसर भी है। लेकिन इन महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंचने के लिए रास्ता मात्र 2 मीटर से ज्यादा नहीं है। कई बार तो लोगों ने फल विक्रेताओं द्वारा महिलाओं को अश्लील फब्तीयाँ कसने की शिकायत भी की है।

और ऐसी शिकायते आमतौर पर मिलती ही रहती है। कई बार इनकी सही व्यवस्था बनाने की कोशिशे की जाती रही है। लेकिन पता नहीं किस दबाव में आकर प्रशासन इन पर कठोर कार्रवाई नहीं करता। वर्तमान नवनिर्वाचित सभापति श्री महेश रामचंद्रका से क्विक न्यूज़ और मानवाधिकार सुरक्षा संगठन कि संयुक्त अपील है की सब्जी मंडी की व्यवस्था को सुचारू करने के लिए कठोर कदम उठाए ताकि आमजन को राहत मिल सके और यह समस्या समस्या हमेशा के लिए मिट सके।

दोस्तों हम आगे बढ़े सीकर रोड की तरफ। प्रस्तुत वीडियो में सीकर रोड पर स्थित सूरजपोल गेट के बाहर चौक से पहले का। देखिए दुकानों का अतिक्रमण 15 फीट तक रोड पर बढ़ा हुआ है। तो पहले तो अतिक्रमण दूसरा वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है की जलेबी आदि मिठाइयां खुले में रखी है। सड़क पर चलने वाली गाड़ियों से उड़ती धूल। मक्खी मच्छर और कई तरह के जहरीले कीड़े आदि मतलब आम आदमी के स्वास्थ्य के साथ खुलेआम खिलवाड़।

और सबसे बड़ी बात और महत्वपूर्ण बात यह उभर कर सामने आई है कि सब यहां जलेबी निकलने वाले बच्चों की उम्र महज 15 वर्ष ही है। मतलब बाल मजदूरी। आश्चर्य जनक बात है की बड़ी-बड़ी लापरवाहियां आज तक प्रशासन की नजरों से कैसे छुपी हुई रह सकती है। कई बार नगर परिषद प्रशासन अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाता है। लेकिन यह अभियान सिर्फ ठेले थड़ी तक ही सीमित रहता है। बड़े कांम्प्लेक्स या बड़े दुकानदार द्वारा किया गया अतिक्रमण शायद उन्हें दिखाई ही नहीं देता।

क्विक न्यूज़ ने रसद विभाग के अधिकारियों से इस तरह खुले में बिकती मिठाईयों पर अंकुश लगाने की अपील की है और अधिकारियों ने क्विक न्यूज़ से वादा किया है कि उक्त दुकानदारों पर शीघ्र ही असरदार कार्रवाई की जाएगी। लेकिन इस बाल मजदूरी का क्या यह छोटा बच्चा जो आपको प्रस्तुत वीडियो में जलेबियां निकालता दिखाई दे रहा है उसकी उम्र अभी पढ़ने की है।


यदि कोई दुर्घटना हो जाती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। सीकर रोड पर करीब 500 मीटर की रोड की लम्बाई तक यह अतिक्रमण आप सभी लोग देख सकते हैं। इसका इलाज क्या है। आइये सुनते हैं मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के मुन्नालाल काछवाल और भगत सिंह यूथ ब्रिग्रेड के पंच परसा राम बुगालिया दोनों इस लापरवाही पर क्या कहते हैं।
बहरहाल क्विक न्यूज़ नगर परिषद, रसद विभाग और अन्य संबंधित विभाग से अपील करता है की इन लापरवाहियो पर सख्त कार्यवाही करें ताकि जनता के स्वास्थ्य से होने वाले खिलवाड़ को रोका जा सके और अन्य समस्याओं से भी निपटा जा सके।
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