
तारीख 3 जून दिल्ली मालवीय नगर स्थित लेमन ग्रीन होटल एंड रेस्टोरेंट में आग लगी। लगभग 21 लोग मारे गए उनमें से नों विदेशी लोग थे। निःसंदेह यह भयानक दुर्घटना थी और इसकी जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ प्रशासन की ही थी। मतलब यह दुर्घटना प्रशासन की लापरवाही का ही नतीजा था। बहरहाल क्विक न्यूज़ ने कुचामन में भी पड़ताल की और जानना चाहा कि यहां कितने होटल या माल या स्कूल या निजी चिकित्सालय ऐसे हैं जहां यदि किसी प्रकार की दुर्घटना हो जाती है। तो बचाव किया जा सकता है या नहीं। तो लिए दोस्तों जानते हैं हमारे कुचामन की स्थिति।

चौकाने वाले नतीजे सामने आए दोस्तों। अग्नि शमन व्यवस्था का ज्यादातर संस्थानों मे अभाव है और अगर है भी तो छोटे सिलेंडर जो आते हैं अग्निशमन रोकने के लिए रखे हुए हैं। जो नाकाफी है। स्टेशन रोड पर स्थित धनकोली हाउस के पास वाली गली जिसकी दूसरी तरफ माणकचंद जी कोठारी का मकान है। बीच में मात्र 8 फुट की गली है इसी गली में आगे जाकर अग्रवाल गेस्ट हाउस चार मंजिला इमारत बनी हुई है। जहां फायर ब्रिगेड तो क्या एक कार का जाना भी नामुमकिन है। गौरतलब है कि इसी गेस्ट हाउस के पास कुछ समय पूर्व आग भी लगी थी। लेकिन प्रशासन की नींद तब भी नहीं खुली। यदि कोई बड़ी दुर्घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा समझ में नहीं आता। शायद प्रशासन भी किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है।

बहरहाल आगे बढ़ते हैं हॉस्पिटल रोड के समानांतर चलने वाली गली चौड़ाई मात्र 8 फुट सामने सूर्या होटल। आगे बढ़ते ही राव हॉस्पिटल,डॉक्टर सरिता कलवानीया का क्लिनिक और लगभग 50 मेडिकल स्टोर पूरी गली पार्क किये हुए दुपहिया वाहनों से भरी पड़ी है। फायर ब्रिगेड छोड़ो दो मोटरसाइकिल भी मुश्किल से निकलेगी। लेकिन प्रशासन का कोई ध्यान नहीं। नगर परिषद ने कभी भी इस और ध्यान नहीं दिया। ध्यान देना छोड़ कभी नोटिस तक देने की ज़हमत नहीं उठाई।

आगे चलते हैं डॉक्टर पाराशर हॉस्पिटल, डॉक्टर महला का हॉस्पिटल देखिए सभी संलग्न वीडियो में। कहीं भी आसानी से फायर ब्रिग्रेड का या अन्य किसी बचाव साधन का पहुंचना लगभग नामुमकिन है। लेकिन फिर भी यहां का सारा काम बदस्तूर जारी है। बालाजी बाजार के अंतिम छोर पर बागर में स्थित व्यवसायिक कॉम्पलेक्स जहां पहुंचने के लिए व्यस्ततम बाजार बालाजी बाजार से गुजरना पड़ता है। इस बालाजी बाजार में दोपहर के वक्त दो मोटरसाइकिल आमने-सामने से नहीं निकल सकती।इस परिसर में लगभग 300 दुकान या ऑफिसेज बने हुए हैं। लेकिन फिर भी इस पर किसी का ध्यान नहीं है।

गोल प्याऊ के सामने स्थित प्रेमसुःख प्लाजा लगभग 300 से ज्यादा दुकान मौजूद है। लेकिन सुविधा के नाम पर शून्य और ना ही प्रशासन का इस और कोई ध्यान कभी गया। सब्जी मंडी में स्थित बहुत सारे व्यवसायिक काम्पलेक्स लगभग 8 से ऊपर बहु मंजिला इमारते। लेकिन समय पर मदद का पहुंचना लगभग नामुमकिन। बस स्टैंड पर स्थित सारडा कॉम्पलेक्स की तो बात ही निराली है। कुचामन की यातायात व्यवस्था को बिगड़ने में लगभग 70% इसी परिसर का हाथ है।

और यह सारे व्यावसायिक परिसर भीड़भाड़ वाले स्थानो पर स्थित है। बहरहाल क्विक न्यूज़ की मुहिम रंग लाती दिखाई दे रही है। मानवाधिकार सुरक्षा संगठन,भगत सिंह यूथ ब्रिग्रेड और क्विक न्यूज़ तीनों ही संयुक्त रूप से इनकी मनमानी के खिलाफ न्यायालय में जाने की तैयारी में है। भगत सिंह यूथ ब्रिग्रेड के प्रदेश अध्यक्ष पंच परसा राम बुगालिया ने कहा कि उपरोक्त सभी नए निर्माण है फिर भी इन पर नियमों की अनदेखी की गई है। नगर परिषद प्रशासन के भ्रष्टाचार का नतीजा यह सब निर्माण है। जल्द ही हम उनके खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे।

वही मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष श्री मुन्नालाल काछवाल ने कहा कि यदि प्रशासन इन पर गंभीर कदम नहीं उठाता है तो हम जल्द से जल्द इस मामले पर न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। और प्रशासन की इस बड़ी लापरवाही के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे। गौरतलब है क्विक न्यूज़ और मानवाधिकार सुरक्षा संगठन ने कुछ दिनों पहले ही विवाह स्थलों पर पार्किंग और तेज आवाज में बजते डीजे पर अपनी आवाज न्यायालय मे उठाई थी। जिसमें न्यायालय द्वारा विवाह स्थलों को पाबंद किया गया था। और यह हमारी एक बहुत बड़ी जीत थी। जल्द ही हम इन सभी अवैध व्यावसायिक परिसरो पर आवाज उठाएंगे और प्रशासन की इस लापरवाही को रोकने का प्रयास करेंगे। आशा है कुचामन की जनता हमारा पूरा सहयोग करेगी।
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