Tuesday , 7 July 2026

आवंटित दुकानों से तीन गुना अधिक चलती दुकाने :देर रात तक छलकते पैमाने

  एक बार फिर से स्वागत है क्विक न्यूज़ पर आप सभी का। एक बार फिर से रुख करते हैं छलकते पैमानों  और महकते मैखानो की और। दोस्तों गत वर्ष में भी हमने इस विषय पर एक कार्यक्रम किया था। साथ ही कलेक्टर महोदय को भी इस संबंध में शिकायत  की थी। कुछ दिन सख्ती रही फिर से वही ढाक के तीन पात। लीजिए एक बार फिर मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के जोर देने पर इस विषय पर दोबारा पड़ताल की और चौंकाने वाले नतीजे सामने आए। दोस्तों हमारे कई दर्शक यह शिकायत करते हैं कि हमारे कार्यक्रम कुचामन पर ही आधारित होते हैं तो हमारा कहना है कि कुचामन पर की गई पड़ताल अकेली नहीं है पूरे भारत में कमोबेश यही स्थिति होती है। जो हमारे शहर में है हमारा एक भी कार्यक्रम ऐसा नहीं होता जो किसी दूसरे शहर की समस्या नहीं हो। या यह कहा जा सके कि हमारे यहां ऐसा नहीं होता। तो दोस्तों  बात चल रही थी शराब की दुकानों की आगे बढ़े इससे पहले कुछ नियम सरकार द्वारा निर्धारित है उसे पर चर्चा कर ली जाए।

            1. स्कूल, कॉलेज,बस स्टैंड,पूजा स्थल आदि से न्यूनतम 150 मीटर की दूरी होना आवश्यक। शराब की दुकान की दूरी इन सब स्थानो से न्यूनतम डेढ़ सौ मीटर होना आवश्यक है यदि इस नियम का पालन नहीं किया जाता है तो शराब की दुकान को वहां से हटाया जा सकता है।

            2. हाईवे से 500 मीटर की दूरी होना आवश्यक।

            3. गोदाम शराब सप्लाई के लिए होते हैं यहां से रिटेल दुकानों को शराब सप्लाई की जाती है। अर्थात गोदाम पर शराब वितरित नहीं की जा सकती।प्रत्येक दुकान पर एक गोदाम आवंटित होता है।

            4. दुकान पर साइनेज,विज्ञापन आदि प्रतिबंधित होते हैं।

            5. शराब की दुकान खुलने और बंद होने का समय सुबह 10:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक निर्धारित है। इससे पहले या उसके बाद में दुकान पर खोलना गैर कानूनी है।

             यह कुछ मुख्य बिंदु है जो शराब की दुकानों पर लागू है अब आई हमारी पड़ताल पर बात करते हैं यहां यह गौरतलब है कि यह सिर्फ कुचामन में नहीं पूरे राजस्थान में ही लापरवाही बरती जा रही है। और क्विक न्यूज़ का कहना है कि प्रत्येक शहर में इसके विरोध में आवाज उठानी आवश्यक है। अन्यथा शराब हमारे समाज के लिए एक नासूर बन जाएगा।

            अब आते हैं मुख्य मुद्दे पर दोस्तों आबकारी विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी कुचामन में सिर्फ नौ दुकान आवंटित है। जिसकी लिस्ट आपकी पूरी स्क्रीन पर मौजूद है। आपकी स्क्रीन पर बारी-बारी देखीऐ कुचामन में कुल कितनी दुकानें संचालित है। क्विक न्यूज़ और मानवाधिकार सुरक्षा संगठन ने जब संयुक्त रूप से पड़ताल की तो लगभग दौ दर्जन से अधिक शराब की दुकान कुचामन में संचालित होती हुई पाई गई। आप स्वयं देखीऐ अपनी पूरी स्क्रीन पर आवंटित दुकाने नौ और संचालित 25 से अधिक। गौर से देखिए दोस्तों हर फोटो के नीचे लोकेशन और टाइम भी अंकित है क्योंकि हमने सारे फोटोस जीपीएस कैमरा के द्वारा लिए हैं।

             और यह सब प्रशासन की नाक के नीचे होता है। क्या संबंधित विभाग यह देख नहीं सकता या उसे दिखाई नहीं देता। हमने जब और अधिक गहराई में जाने की कोशिश की तो पता लगा कि गोदाम के नाम पर भी दुकानें संचालित है। जबकि नियम अनुसार गोदाम से सिर्फ संबंधित दुकान पर ही शराब का वितरण किया जा सकता है। गोदाम पर सिर्फ गोदाम लिखवाया जा सकता है गोदाम पर काउंटर भी लगाना गैर कानूनी है। लेकिन यहां तो बिल्कुल विपरीत है  गोदाम पर पूरी तरह से दुकान की तरह ही सजावट की जा रही है।

             बात यही नहीं रुकती दोस्तों हर दुकान के पास में एक दुकान और है और दोनों दुकानों के बीच में एक खिड़की भी मौजूद है। साथ ही पास वाली दुकान में स्टूल, कुर्सी आदि बैठने की व्यवस्था भी मौजूद है। अब यह व्यवस्था क्यों की गई है रात 8:00 बजे बाद जब दुकान का शटर डाउन हो जाता है तो पास वाली दुकान की खिड़की के माध्यम से शराब आसानी से ली जा सकती है। और साहब देर रात तक पास वाली दुकान में महफिल सजती है देखिए वीडियो में।

               नियम के अनुसार धर्म स्थल, बस स्टैंड, स्कूल, कॉलेज आदि से शराब की दुकान की दूरी 150 मीटर की परिधि से अधिक होना आवश्यक है। लेकिन देखिए यह दुकान पुराने बस स्टैंड पर ही संचालित है। साथ ही इस दुकान के पीछे की दीवार कुचामन के प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर से मात्र डेढ़ मीटर की दूरी पर ही है। इसी दुकान की 150 मीटर की परिधि में ही कन्या विद्यालय भी संचालित है। आप बताइए कितने नियमों को तोड़ रही है यह शराब की दुकान। 

              इसी तरह नए बस स्टैंड पर भी देखिए यह दुकान संचालित है यही आसपास मजदूर वर्ग भी रहता है जो शाम होते ही पैमाना छलकाने बैठ जाता है। और जैसे जैसे रात जवान होती है इन्हे यहां शराब के नशे में धुत होकर कई तरह की धूमधाम करते देखा जा सकता है। अब सोचिए की रात्रि के समय यदि कोई  महिला यात्री यहां से निकलती है तो उसे कितनी परेशानी का सामना करना पड़ता होगा। लेकिन न जाने क्यों प्रशासन को इन सब बातों का पता ही नहीं चलता। हर नियम को तोड़ती शराब की दुकानों पर प्रशासन की नजर क्यों नहीं जाती समझ से परे हैं। इस विषय पर जब क्विक न्यूज़ ने सभी से राय मांगी तो प्रबुद्ध लोगों द्वारा इसका पुरजोर विरोध किया गया।

         महावीर इंटरनेशनल परिवार के सुभाष पहाड़िया के अनुसार :-शिक्षा नगरी के नाम से राजस्थान मे विख्यात शहर कुचामन सिटी जो संस्कोरो आदर्शो लिए जानी जाती हे उसमे कुछ चन्द लोगोके पेशा कमाने की हवस भारत के आदे अधुरे कानून प्रंशासन के कमजोर पकड के कारण नशा का आदी आबदी को चपेट ले लीया हे नशामुक्ति के लीए प्रंशासन ओर राजनीतिज्ञ समाज सेवको को आगे आकर कुचामन का भविष्य अंधकार मय होने से बचाने का कठोरता प्रयास करने चाहिए

          वहीं लायंस क्लब कुचामन फ़ोर्ट के श्री राम काबरा ने कहा कि नियमों के विरुद्ध दुकानों का संचालन किसी भी सूरत में सहन करना मुश्किल है। श्री राम काबरा के अनुसार लॉयन्स क्लब कुचामन फ़ोर्ट द्वारा संचालित अन्न पूर्णा रसोई पुराने बस स्टैंड पर संचालित है। वहा उन्हें हमेशा किसी न किसी शराबी से उलझना पड़ता है। साथ ही शराबी वहां पर उत्पाद मचाते हैं जिससे अन्य भोजन करने वालों को तकलीफ होती है जो की असहनीय है। 

          वही समाज सेवक रज़ब अली के अनुसार बस स्टैंड शीतला माता मंदिर के पास देर रात तक खुलेआम शराब की बिक्री की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही है। इससे क्षेत्र का माहौल बद से बदतर होता जा रहा है। यदि प्रशासन इस ध्यान नहीं देता है तो वह दिन दूर नहीं जब समस्या नासूर काई शक्ल अख्तियार कर ले और आम जनता के लिए भयंकर सर दर्द बन जाए। श्री रजब अली ने मांग की इस समस्या पर नियमित रूप से प्रशासनिक निगरानी की जानी आवश्यक है।

             हिंदू युवा वाहिनी के अध्यक्ष श्री योगेश शर्मा जो कि पुराने बस स्टैंड स्थित शीतला माता मंदिर प्रबंधक कमेटी के सदस्य भी है इनका कहना है कि बार-बार प्रशासन को चेताने के बावजूद प्रशासन इस और ध्यान नहीं देरहा है ऐसे में हमारे पास उग्र विरोध करने के सिवा कोई चारा नहीं रह जाता है। प्रशासन से एक बार और निवेदन है की इस विकट समस्या से निजात दिलवाई जाय।

            क्विक न्यूज़ के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष की मुन्नालाल काछवाल का स्पष्ट तौर पर कहना है कि इस पूरे प्रकरण का अध्ययन करने पर स्पष्ट हो जाता है कि इस पूरे खेल में प्रशासन की मिली भगत है। बगैर मिली भगत के इतने नियमों का उल्लंघन होना नामुमकिन है। अब जनता को ही इस मामले में आगे आना होगा प्रशासन के भरोसे बैठे  रहने से कुछ भी होना जाना सम्भव नहीं है।

            तो दोस्तों यह थी क्विक न्यूज़ की शराब की दुकानों से संबंधित पड़ताल आगे भी क्विक न्यूज़ आपके सामने इसी तरह से कोई ना कोई समस्या और लेकर आता रहेगा प्रशासन को अवगत कराता रहेगा और आम जनता को भी आगाह करता रहेगा तो धन्यवाद आभार शुक्रिया।

About Manoj Bhardwaj

Manoj Bhardwaj
मनोज भारद्धाज एक स्वतंत्र पत्रकार है ,जो समाचार, राजनीति, और विचार-शील लेखन के क्षेत्र में काम कर रहे है । इनका उद्देश्य समाज को जागरूक करना है और उन्हें उत्कृष्टता, सत्य, और न्याय के साथ जोड़ना है। इनकी विशेषज्ञता समाचार और राजनीति के क्षेत्र में है |

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