
अचानक शहर में सब्जी मंडी का पुराना भूत फिर से जाग गया। हुआ कुछ ऐसा की सब्जी मंडी में ही स्थित जैन मंदिर के बाहर जैन समाज के कुछ लोग और महिलाएं मंदिर का रास्ता साफ करने की मांग को लेकर कल धरने पर बैठ गए। देखिए संलग्न वीडियो। नगर परिषद आयुक्त श्री शिकेश कांकरिया वहां पहुंचे और समझाइश के द्वारा उन्हें वहां से उठाया। साथ ही सब्जी मंडी में फ्रूट एवं सब्जी विक्रेताओं को इस बारे में चेताया। सब्जी मंडी विक्रेता महिलाओं से जब क्विक न्यूज़ ने जानकारी चाहि तो उनके अनुसार उनका कुछ सामान जो रात को भी वहां छोड़कर जाती है नगर परिषद कर्मचारियों ने अस्त व्यस्त कर दिया।

इस पर सुबह सभी फल एवं सब्जी विक्रेता लामबद्ध हुए और अपना विरोध जताने नगर परिषद कार्यालय पहुंचे वहां पर नगर परिषद आयुक्त श्री शीकेश कंकरिया से बातचीत की। श्री कांकरिया के अनुसार सब्जी एवं फल विक्रेताओं को वहां से अतिक्रमण हटाने होंगे। इस पर सब्जी मंडी के विक्रेताओं की तरफ से श्री याकूब भाटी ने इसे एक तरफा कार्रवाई बताया। और कहा कि यदि सब्जी वह फल विक्रेताओं द्वारा अतिक्रमण किया गया है तो जैन मंदिर द्वारा भी अतिक्रमण किया गया है। साथ ही यदि रास्ता अवरुद्ध होता है तो इसके लिए बिना पार्किंग का अग्रसेन भवन भी उतना ही जिम्मेदार है।

वहीं पूर्व पार्षद श्री छितर मल कुमावत ने कहा कि जैन मंदिर के बाहर एक तरफ जो 60 फीट का जाल लगाकर अवैध कब्जा किया गया है तथा दूसरी तरफ 6 फीट तक रेलिंग लगाकर जो अतिक्रमण किया गया है उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। और नगर परिषद उस पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है। इस पर आयुक्त श्री शीकेश काकरिया ने पूरी जानकारी लेकर कार्यवाही का आश्वासन दिया।
कुछ ही समय में वहां पर जैन समाज के और अग्रवाल समाज के लोग भी पहुंच गए और आयुक्त के साथ विचार विमर्श किया जो भी निर्णय लिया गया वह आपकी पूरी स्क्रीन पर देखिए।

इस मीटिंग के अनुसार सियाराम लाज से लेकर विद्यासागर भवन तक सभी हाथ ठेलो को हटाने का निर्णय लिया गया। यहां सिर्फ 31 अधिकृत विक्रेता ही सब्जी बेच सकेंगे। वहीं श्री दिगंबर जैन नागौरी मंदिर नसिया से अग्रवाल भवन के सामने स्थित प्रथम गेट से द्वितीय गेट तक के स्थान को सब्जी विक्रेताओं से मुक्त रखा जाएगा। तथा तीनों गेट के सामने कोई भी सब्जी विक्रेता नहीं बैठ पाएगा। साथ ही जो दुकान प्रस्तावित है उनमें लोहै या जाली का कोई भी निर्माण नहीं होगा। जिनका निर्माण पहले से है उन पर कार्रवाई की जाएगी।

सभी प्रकार के अतिक्रमण हटाए जाएंगे इस मीटिंग में मुख्य रूप से नगर परिषद आयुक्त श्री शिकेश काकरिया, पूर्व नगर परिषद सभापति श्री सुरेश सिखवाल, श्री बाबूलाल मारवाड़ा,श्री सुनील शेखराजका, श्री छितर मल कुमावत और जैन समाज एवं अग्रवाल समाज के प्रबुद्ध लोग उपस्थित थे।

यह पूरा घटनाक्रम कुछ सवाल छोड़कर जाता है जो इस प्रकार है। जो भी फैसला लिया गया उसमें सिर्फ एक ही पक्ष के लोग क्यों थे फल एवं सब्जी विक्रेताओं का पक्ष रखने के लिए कोई क्यों नहीं था। तो ऐसे में क्या यह एकतरफा फैसला नहीं माना जाएगा। बैठक में सिर्फ एक ही राजनीतिक दल के लोग थे तो क्या यह माना जाए की इस फैसले के पीछे राजनीतिक दबाव था। लगभग 100 वर्षों से जो सब्जी मंडी संचालित हो रही है अचानक उसे हटाने का फैसला क्यों। इससे पहले भी स्वर्गीय श्री हरीश जी कुमावत के समय सब्जी मंडी को हटाने की योजना थी। लेकिन उस समय सब्जी विक्रेताओं के पुनर्वास के लिए योजना बनाकर हटाने की योजना बनाई गई थी। इस बार ऐसा kya हुआ की बगैर पुनर्वास की योजना के सब्जी मंडी को हटाने का निर्णय लिया जा रहा है। ऐसा क्यों। बाकी सभी बातें दर्शकों के विवेक पर निर्भर करती है।
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