
ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच युद्ध चरम पर है और फिलहाल रुकने का नाम नहीं ले रहा है। तीनों ही देशो की अपनी-अपनी महत्वाकांक्षाएं हैं। युद्ध के दुष्परिणाम भी पूरी दुनिया को झेलना पड़ रहे हैं। भारत को भी युद्ध के दुष्परिणाम एलपीजी की कमी के रूप में देखना पड़ रहा है। हालांकि प्रधानमंत्री के ने संदेश दिया है कि गैस की कमी नहीं है। लेकिन अचानक से युद्ध के शुरू होते ही गैस की कीमतों में उछाल ने भारत के लोगों को अचानक से डरा दिया है और लोग धडा धड़ बुकिंग करवाने लगे।

नतीजा गैस एजेंसियों के बाहर लाइन लगने लगी। हालांकि पहले हम डिलीवरी दी जाती थी लेकिन इन दिनों कुछ ज्यादा ही लोगों के दिमाग में डर ने घर कर लिया है। क्विक न्यूज़ ने शहर में स्थित तीनों गैस एजेंसियों का दौरा किया और स्थिति को समझने का प्रयास किया। दर्शक बैकग्राउंड वीडियो में देख सकते हैं कि गैस एजेंसी के सामने कितनी भीड़ लगी है।

वही दोस्तों विपक्ष भी चुप नहीं है कांग्रेस द्वारा इस गैस की कमी को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया गया और वहां पर प्रधानमंत्री श्री मोदी के पुतले भी जलाए गए लिए देखते हैं संलग्न वीडियो में। लोग युद्ध की स्थिति को देखते हुए गैस के लिए लगातार चिंतित हो रहे हैं। यहां दोस्तों आम जनता का चिंतित होना लाज़मी भी है। प्रधानमंत्री द्वारा उपभोक्ताओं को संबोधित किया गया साथ ही स्थानीय जिला कलेक्टर श्री महेंद्र खगड़ावत द्वारा भी एक संदेश देकर कहा गया है कि गेस की किसी भी तरह की कमी नहीं है।

इस स्थिति पर क्विक न्यूज़ ने एजेंसी संचालकों से भी मुलाक़ात की और स्थिति के बारे में जानना चाहा। यहां संचालको का कहना भी यही है कि डरने की आवश्यकता नहीं है। आइये सुनते हैं बाबा रामदेव गैस एजेंसी के संचालक श्री बंशीलाल काँसोटिया को श्री कांसोटिया के अनुसार जिस जिसने भी बुकिंग करवाई है उसे सिलेंडर दिया जाएगा। भगदड़ मचाने की कोई आवश्यकता नहीं है।

वही फातिमा गैस एजेंसी के संचालक जिया उल हक के अनुसार सर्वर डाउन होने की वजह से सप्लाई में बाधा आ रही है। सभी को सिलेंडर दिया जाएगा इसी तरह कुचामन गैस एजेंसी से के संचालक श्री महेश महर्षि से भी बात की और महेश महर्षि के अनुसार कहीं पर भी गैस की कमी जैसा कोई संकेत नहीं है सभी को सिलेंडर सप्लाई किए जाएंगे।

बहरहाल हर जिम्मेदार की तरफ से यह कहा जा रहा है कि गैस की कमी नहीं है लेकिन हालात यह नहीं कह रहे हैं सबसे पहले तो युद्ध शुरू होते ही गैस के दाम बढ़ा देना के लिए लोगो में डर फैलाने के लिए काफी था। फिर होम डिलीवरी बंद कर देना सरकार द्वारा हार्मोज जल डमरूमध्य से भारत के जहाज निकालने जैसे समाचार प्रकाशित करना और फिर फैक्ट चेक्स द्वारा यह बात गलत सिद्ध हो जाना जैसे समाचारो ने भी जनता के मध्य में भय बनाया है।

अब दोस्तों देखा जाय स्थानीय स्तर पर दोस्तों यहां यह बताना जरूरी है कि कल डीडवाना कुचामन में रसद विभाग ने स्थानीय बाजारों में स्टॉक करके रखे गए सिलेंडरो पर कार्रवाई की अलग-अलग जगहों पर 100 से ज्यादा सिलेंडर को जप्त किया। यह सारी कार्यवाही जनता में भय व्याप्त करने के लिए काफी है। दोस्तों यहां हम यह नहीं कह रहे हैं की जमाखोरो के खिलाफ कार्यवाही नहीं होनी चाहिए। लेकिन यही कार्रवाई हमेशा क्यों नहीं होती। आज युद्ध के समय में जनता पहले से ही डरी हुई है। और अचानक यह कार्यवाही, यहां योजना की कमी का अभाव स्पष्ट रूप से प्रतीत होता है। बहरहाल क्विक न्यूज़ अपने दर्शकों से अपील है कि इस घटनाक्रम से डरने की आवश्यकता नहीं है समस्या है तो समाधान भी होगा।
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