शहर के हजारो लोग उतरे सडको पर दिया मुख्य मंत्री के नाम ज्ञापन

काला झंडा प्रकरण में आज एक अलग मोड़ ले लिया ज़ब थानाधिकारी श्री सतपाल सिहाग के समर्थन में पूरा कुचामन उमड़ पड़ा। आईए जानते हैं पूरा घटनाक्रम, दिनांक 29 मई को भारतीय जनता पार्टी के दो दिनों से कार्यक्रम का दूसरा दिन था। कार्यक्रम में शिरकत करने राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष मदन राठौड़ आए थे। और आरएलपी के कार्यकर्ताओ ने उन्हें उनकी गाड़ी के आगे जाकर काले झंडे दिखाये। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल नेहरा, वृत्त अधिकारी मुकेश चौधरी और थानाधिकारी श्री सतपाल सिंह सिहाग ने तत्परता से हल्का बल प्रयोग करते हुए उन प्रदर्शनकारियों पर काबू पा लिया।देखिए संलग्न वीडियो।

यहां पुलिस ने आरएलपी नेता रामनिवास पोषक,भूराराम शेषमा सहित नौ अन्य लोगों को हिरासत में ले लिया। यहां तक सभी कुछ सामान्य था। दरअसल विरोध करना युवाओं का लोकतांत्रिक अधिकार था। उन्होंने किया उन्हें रोकना पुलिस का कर्तव्य था उन्होंने रोका और स्थिति सामान्य की। और सामान्य धाराओं में उन्हें गिरफ्तार भी किया। लेकिन यहां से कहानी ने नया मोड़ लिया। जब देर रात्रि तहसीलदार कुचामन सिटी श्री कैलाश इनाणीया ने रामनिवास पोषक को जमानत दे दी। जो कि उनके अधिकार क्षेत्र में आती है।

जब बड़ा अपराध नहीं था तो श्री कैलाश इनानिया ने जमानत दे दी। बस यह जमानत देना ही सरकार को खल गया। राजस्थान सरकार ने तुरत फुरत देर रात्रि में ही आदेश निकाला और तहसीलदार श्री कैलाश इनानिया को तत्काल बांसवाड़ा जिले के लिए स्थानांतरित करवा दिया। देखिए आदेश के प्रति अपनी पूरी स्क्रीन पर। इस स्थानांतरण से कुचामन की जनता में सुगबुगाहट शुरू हो गई थी। दूसरे ही दिन डीडवाना कुचामन जिला एसपी का भी स्थानांतरण कर दिया गया था। जबकि एसपी साहब की डीडवाना जिले में नियुक्ति अभी कुछ ही दिन पूर्व हुई थी 10 दिन भी संपूर्ण नहीं हुए थे।
तब तक जनता में कोई इतना आक्रोश नहीं था लोग इसे सामान्य प्रक्रिया मान रहे थे। लेकिन परसों देर रात्रि ज़ब कुचामन थानाधिकारी श्री सतपाल सिंह सिहाग का निलंबन कर दिया गया। खबर अलग सुबह आग की तरह पूरे शहर में फैल गई। थानाधिकारी की साफ सुथरी छवि ने सभी शहर वासियों को इस कार्यवाही पर गुस्से से भर दिया। सुबह ही श्री सतपाल सिहाग के प्रशंसको ने थाने में आना शुरू कर दिया।

साथ ही हर नागरिक की जुबान पर यही बात थी और परिणाम आज पूरे कुचामन की जनता एक साथ सड़को पर उतर आई और पुराने बस स्टैंड स्थित कनोइ पार्क में हजारों लोग एकत्रित हो गए। और श्री सतपाल जी के समर्थन में नारे लगाते हुए उपखंड कार्यालय की तरफ रवाना हुए। देखिए वीडियो में। यहां आकर उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सोपा जिसमें थानाधिकारी के निलंबन को रद्द करवा कर पुनः कुचामन थाने में बहाल करने की मांग की गई। यह गौरतलब है की इस पूरे प्रकरण में अभी तक स्थानीय विधायक और राज्य मंत्री श्री विजय सिंह चौधरी ने अपनी तरफ से एक शब्द भी नही बोला हे l जबकि जब काले झंडे दिखाए जा रहे थे तब मंत्री महोदय घटना स्थल पर ही मौजूद थे l मंत्री जी की ये चुप्पी संदेह उत्पन्न करती हे l

गौरतलब है की आज के इस प्रदर्शन की अगुवाई कोई भी नहीं कर रहा था पूरी जनता मे स्वतः ही आक्रोश था और सभी चल पड़े उपखण्ड अधिकारी कार्यालय की तरफ। यहां यह भी गौरतलब है कि आज तक पुलिस प्रशासन के खिलाफ ही इस तरह की कार्रवाई होती है यह पहली बार है जब किसी पुलिस अधिकारी के समर्थन में जन सैलाब उमड़ा हो। इस संबंध में क्विक न्यूज़ ने काफी लोगों से बातचीत की लीजिए सुनते हैं सभी को। सबसे पहले श्रीमती सारिका चौधरी जो की महिला कांग्रेस की राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष है। समाज सेवक नवाब शेख, जागरूक नागरिक नवीन कांत चित्रकार, मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मन्नालाल काछवाल को संलग्न वीडियो मे।

बहरहाल सतपाल चौधरी की कर्मठ एवं साफ सुथरी छवि ने यह सिद्ध कर दिया कि पुलिस अधिकारियों का सिर्फ विरोध ही नहीं समर्थन भी होता है। उपरोक्त घटना का विस्तृत विश्लेषण कल के कार्यक्रम में किया जाएगा। इसलिए देखना ना भूले क्विक न्यूज़ का आगामी कार्यक्रम।
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