
समाज सेवा एवं अभिरुचि शिविर के आठवें दिन विद्यार्थियों ने गर्मी के मौसम में सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कुचामन सिटी के नए बस स्टैंड पर लगभग 500 यात्रियों को शरबत पिलाकर मानव सेवा का प्रेरक कार्य किया। व्याख्याता रामस्वरूप जाट के सहयोग तथा शिविर प्रभारी डॉ. भंवरलाल गुगड़ एवं अभिरुचि शिविर प्रभारी दयाराम कलावत के निर्देशन में विद्यार्थियों ने बस स्टैंड पर बसों का इंतजार कर रहे यात्रियों, बसों में यात्रा कर रहे यात्रियों, बच्चों, महिलाओं एवं बुजुर्गों को करीब एक क्विंटल शरबत वितरित किया।तपती धूप में ठंडा मीठा शरबत पाकर यात्रियों के चेहरे खिल उठे। लोगों ने विद्यार्थियों को आशीर्वाद देते हुए इस सेवा कार्य की सराहना की। बसों में सफर कर रहे यात्रियों ने भी विद्यार्थियों के इस सेवा भाव को खूब सराहा।

डॉ. भंवरलाल गुगड़ ने बताया कि सार्वजनिक स्थलों पर सेवा कार्य करना विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, सहयोग और मानवता की भावना विकसित करता है। इसी उद्देश्य से आज बस स्टैंड पर यात्रियों को शरबत पिलाकर सेवा का यह अनूठा कार्य किया गया।विद्यार्थियों ने कहा कि बसों में सफर कर रहे यात्रियों की सेवा करना उनके जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बन गया, जिसे वे कभी नहीं भूल पाएंगे। वास्तव में यही सच्चे समाजसेवक का दायित्व है।कड़ी धूप के बावजूद सैकड़ों विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक इस सेवा कार्य में भाग लेकर समाज सेवा का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि मानव सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है। इस अवसर पर हेमंत चौहान, सुनील वाल्मीकि, मयंक शर्मा, नवरत्न बुनकर, रामस्वरूप चौधरी भी छात्रों के साथ मौजूद रहे।
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