
कुचामन सिटी। उगरपुरा पीईईओ अधीनस्थ राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बागवाली कोठी, उगरपुरा में शीत ऋतु को ध्यान में रखते हुए विद्यालय स्टाफ के सहयोग से स्वेटर वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ठंड के मौसम में जरूरतमंद विद्यार्थियों को राहत प्रदान करना एवं उनमें अपनत्व और सहयोग की भावना को प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय में अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों को विद्यालय स्टाफ की ओर से स्वेटर वितरित किए गए। स्वेटर प्राप्त कर विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी और उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। यह पहल विद्यालय परिवार की सामाजिक संवेदनशीलता और विद्यार्थियों के प्रति उनके उत्तरदायित्व को दर्शाती है।
इस अवसर पर एसएमसी अध्यक्ष राजूराम ने विद्यालय स्टाफ के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से न केवल विद्यार्थियों को शारीरिक सुविधा मिलती है, बल्कि उनमें विद्यालय के प्रति सकारात्मक भावना और आत्मविश्वास भी विकसित होता है। एसएमसी सदस्य दुलाराम ने भी इस पुनीत कार्य के लिए विद्यालय परिवार को बधाई दी और भविष्य में भी इसी प्रकार के सहयोगात्मक कार्यों की अपेक्षा जताई।
कार्यक्रम में विद्यालय परिवार की ओर से मीना शर्मा, कृष्णा डीडवानिया, भंवर काला, चंदूराम कुमावत, ममता लोरा, ऐश्वर्या डूकिया, महावीर प्रसाद, विमला कुमावत, विमला मिल एवं मधु कुमावत सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर विद्यार्थियों को स्वेटर वितरित किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अंत में विद्यालय परिवार ने समाज के अन्य सक्षम व्यक्तियों एवं संस्थाओं से भी अपील की कि वे आगे आकर शिक्षा एवं विद्यार्थियों के कल्याण से जुड़े ऐसे कार्यों में सहयोग प्रदान करें, ताकि प्रत्येक बच्चा सुरक्षित, स्वस्थ एवं आत्मनिर्भर बन सके।
व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित
राज्य सरकार द्वारा संचालित व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, चितावा के कक्षा 9वीं से 10वीं तक के विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा के विभिन्न आयामों से परिचित कराना एवं वास्तविक कार्य-परिस्थितियों का अनुभव प्रदान करना रहा। विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र कुमार मीणा व ऐसीबीओ रामेश्वर लाल जाट ने बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया!

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने सी.के.एस. हॉस्पिटल, मकराना का अवलोकन किया। अस्पताल प्रबंधन हाजी मक्की द्वारा विद्यार्थियों का स्वागत किया गया तथा अस्पताल के सीईओ एवं अन्य विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को अस्पताल की कार्यप्रणाली, विभिन्न विभागों, चिकित्सा सेवाओं, मरीजों की देखभाल तथा अस्पताल प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्ध करियर संभावनाओं, सामाजिक सेवा के महत्व एवं व्यावसायिक कौशलों की व्यावहारिक उपयोगिता से अवगत कराया गया। विद्यार्थियों ने भ्रमण को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताते हुए स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्यों में रुचि व्यक्त की।
विद्यालय के व्याख्याता संजय मोहनपुरिया ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं कौशल-आधारित शिक्षा के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि व्यावसायिक शिक्षा विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इस शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों में स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ी तथा उन्हें विभिन्न करियर विकल्पों की जानकारी प्राप्त हुई। विद्यार्थियों ने भ्रमण को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया।
विद्यालय के व्यावसायिक कौशल मित्र विमला देवी यादव एवं शिक्षकों ने बताया कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं तथा उन्हें भविष्य के लिए सही दिशा चुनने में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन एवं आभार व्यक्त करने के साथ किया गया।
कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों के उत्साहवर्धन एवं अस्पताल प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया। इस अवसर पर केसर सिंह राठौड़ रेशमा देवी ओमप्रकाश कालिया रचना कुमारी सुरेंद्र कुमार जांगिड़ घनश्याम जी हनुमान शंकर सिंह शेखावत पप्पू गोस्वामी महावीर आदि उपस्थित रहे।
पीएमश्री जवाहर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कुचामन सिटी में STEM प्रशिक्षण शिविर का सफल समापन
कुचामन सिटी।
राज्य सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण, नवाचार-आधारित एवं कौशलपरक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत पीएमश्री जवाहर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कुचामन सिटी में आयोजित STEM (Science, Technology, Engineering & Mathematics) आधारित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का बुधवार को सफल समापन हुआ। यह प्रशिक्षण कुचामन ब्लॉक के विज्ञान एवं गणित विषय अध्यापकों हेतु आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण शिविर के समापन अवसर पर अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कुचामन दिनेश सिंह चौधरी ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि STEM शिक्षा राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 की मूल भावना के अनुरूप है, जो विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच, समस्या समाधान क्षमता एवं नवाचार की भावना विकसित करने में सहायक है। उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे कक्षा शिक्षण में गतिविधि आधारित शिक्षण, प्रयोग, मॉडल निर्माण, परियोजना कार्य एवं वास्तविक जीवन से जुड़े उदाहरणों का अधिकाधिक उपयोग करें, ताकि विद्यार्थियों की सीखने में रुचि एवं सहभागिता बढ़े।
इस अवसर पर गजानंद जी परेवा, सहायक निदेशक, स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर ने भी उपस्थित शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में STEM शिक्षण पद्धति विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तक तक सीमित न रखकर व्यावहारिक, खोजपरक एवं नवाचारी सोच की ओर अग्रसर करती है। उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान एवं कौशल का विद्यालय स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें तथा विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने, प्रयोग करने एवं स्वयं समाधान खोजने के अवसर प्रदान करें। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की पेशेवर दक्षता को सुदृढ़ करते हैं और विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं।

कार्यक्रम में विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती मंजू चौधरी ने सभी अतिथियों, संदर्भ व्यक्तियों एवं प्रशिक्षणार्थियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर संदर्भ व्यक्ति (RP) आनंद डॉडवाडिया द्वारा STEM शिक्षण की अवधारणा, उद्देश्य, आवश्यकता एवं कक्षा स्तर पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को हैंड्स-ऑन गतिविधियों, छोटे-छोटे प्रयोगों, परियोजना कार्य, मॉडल निर्माण एवं डिजिटल टूल्स के माध्यम से STEM शिक्षण को व्यवहार में लागू करने का अभ्यास कराया गया।
प्रशिक्षण में संदर्भ व्यक्ति आनंद डॉडवाडिया ब्लॉक कुचामन ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कक्षा 6 से 10 तक अध्यापन कराने वाले विज्ञान एवं गणित शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, प्रयोगात्मक विधियों एवं नवाचार-आधारित दृष्टिकोण से सशक्त बनाना है, जिससे विषयवस्तु को विद्यार्थियों के लिए अधिक रुचिकर, सरल एवं जीवनोपयोगी बनाया जा सके।
प्रशिक्षण में मुख्य संदर्भ व्यक्तियों की भूमिका में प्रमोद कुमार, नरेश कुमार शर्मा, दीनदयाल स्वामी, सरवर खान, हनुमाना राम, नितेश बोहरा तथा व्यवस्थापक व्याख्याता राजेंद्र चौधरी रहे।

यह तीन दिवसीय STEM प्रशिक्षण शिविर शिक्षकों को नवाचार-आधारित शिक्षण की दिशा में प्रेरित करते हुए आगामी समय में विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
Quick News News as quick as it happens