
पिछले दिनों कुचामन नगर परिषद में हुए राजनीतिक घटनाक्रम में आज उस वक्त बड़ा मोड आ गया जब जोधपुर उच्च न्यायालय ने सभापति के निलंबन पर स्थगन आदेश दे दिया । हुआ कुछ यूं कि पिछले दिनों सरकार द्वारा कुछ आरोप लगाकर सभापति एवं उपसभापति को निलंबित करवा दिया गया था, और भारतीय जनता पार्टी में उत्साह की लहर दौड़ गई थी । आनन फानन में बीजेपी पार्षद श्री सुरेश सिखवाल को सभापति भी बना दिया गया ।

वैसे विपक्षी सरकारों को अस्थिर करना हमेशा से भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिकता रही है । तो इसी क्रम में कुचामन नगर परिषद को भी अस्थिर किया गया । सभापति आसिफ खान और उप सभापति हेमराज चावला को कुछ मुद्दों पर निलंबित किया गया। इस पर सभापति आसिफ खान ने जोधपुर उच्च न्यायालय की शरण ली । और न्यायलय द्वारा सभापति आसिफ खान को राहत प्रदान करते हुए निलंबन को रद्द करते हुए स्थगन आदेश दिया गया है।


लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में बीजेपी की जो छीछालेदार हुई है वह देखने लायक है । गौरतलब हे कि नवंबर या दिसंबर में स्थानीय निकायों के चुनाव प्रस्तावित है । तो मात्र दो महीनों के लिए निलंबन जैसी राजनीति से शहर में काना फूसी होने लगी। और अब न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश से लोगों में स्थानीय बीजेपी हंसी मखौल का विषय बन गई है । इस संबंध में क्विक न्यूज ने जब स्थानीय नगर अध्यक्ष सुरेंद्र सारस्वत से बात की तो उनका कहना हे “भाजपा हमेशा से ही इस तरह की राजनीति करती आई है ।लेकिन इस बार इस कदम से स्वच्छ छवि वाले सुरेश सिखवाल की इमेज का भारतीय जनता पार्टी ने नाश कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी अपने इस कदम से ब्राह्मणों के वोटो को साधना चाहती थी । लेकिन दाव उल्टा पड़ गया । मतलब दुविधा में दोनों के माया मिली न राम ।”

बहरहाल क्विक न्यूज़ पुनः नियुक्त सभापति आसिफ खान को शुभकामनाएं प्रेषित करता है । धन्यवाद
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