Tuesday , 27 October 2026

उपेक्षा का दंश झेलता कुचामन रेलवे स्टेशन

  दोस्तों इससे पहले की आज के कार्यक्रम में आगे बढ़े यह बताना चाहूंगा की आज क्विक न्यूज़ पूरे 5 साल का हो गया है। शुरुआत में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। लेकिन आखिर मैदान में उतर ही गए। यहां काम आई पत्रकारिता में गुरु आदरणीय सलीम साहब की शिक्षाएं। कॉलेज टाइम में जब जोश था तब मार्गदर्शन मिला डीडवाना में आदरणीय सलीम साहब से और फिर वक्त के थपेड़ो ने पत्रकारिता छोड़ने पर विवश कर दिया। लेकिन कोविड के घाटे ने फिर से मजबूर कर दिया पत्रकारिता की तरफ मुड़ने के लिए। यहां काम आई वरिष्ठ पत्रकार और बाल सखा अनुराग वाजपेई की सलाह।  और आज ही के दिन शुरुआत हुई क्विक न्यूज़ की। 

               साथ ही यह भी बता दूं कि भारत के स्वतंत्रता सेनानी और प्रसिद्ध पत्रकार श्री गणेश शंकर विद्यार्थी का जन्मदिन भी 26 अक्टूबर को ही है। तो उनकी उनके आदर्श मानते हुए शुरुआत हुई क्विक न्यूज़ की।

                 अब आते हैं आज के प्रमुख विषय पर दोस्तों कुचामन  विकासशील शहर के रूप में पहचाना जाता है। शिक्षा के क्षेत्र मे कुचामन की अपनी एक अलग ही पहचान है। लेकिन दुखद है कि हर क्षेत्र में आगे होने के बावजूद कुचामन का रेलवे स्टेशन सुविधाओं के इंतजार में है। और उपेक्षा का शिकार है। तो क्विक न्यूज़ में इस विषय पर गहराई से पड़ताल की और सामने आई काफी समस्याएं और उनके कारण। तो दोस्तों कुचामन रेलवे स्टेशन पर दो प्लेटफार्म है दूसरा प्लेटफार्म बने हुए ज्यादा समय नहीं हुआ है साथ ही प्लेटफार्म में नंबर दो पर सुविधाओं का नितांत अभाव है यहां ना तो टॉयलेट है ना ही पानी की व्यवस्था है। 

              अब आप समझ सकते हैं की  यात्रियों को कितनी परेशानी झेलनी पड़ती होगी। एक नंबर प्लेटफार्म पर भी टॉयलेट है लेकिन वहाँ तक पहुंचना भी मुश्किल है। कारण यह टॉयलेट अंडरपास के पीछे है जो की दिखाई भी नहीं देता है। बहरहाल इस समस्या पर या  रेलवे प्रशासन या ध्यान दें तो राहत मिल सकती है। दोनों प्लेटफार्म पर दो-दो टॉयलेट की अत्यंत आवश्यकता है। 

            दूसरी प्रमुख समस्या है दोनों प्लेटफार्म मे जुड़ाव की कनेक्टविती की यद्यपि अंडर पास मौजूद है लेकिन काम मे बहुत km लिया जाता है। और इसका प्रमुख कारण यह है कि अंडरपास ऐसी जगह है जहां से यदि ट्रेन आगे निकल जाए तो किसी को इस  सुविधा का पता भी नहीं चलता है। नए यात्रियों को दिखाई देना ही मुश्किल है। परिणामतः ज्यादातर यात्री पटरिया पार  करके ही आवागमन करते हैं। ऐसे में पुलिया का होना अत्यंत आवश्यक है। इस संबंध में एक वाकिया जिसका वीडियो में मैं पेश करना चाहूंगा। 

            हम लोग पिछले 11 सितंबर को सवाई माधोपुर जा रहे थे और एक जोड़ा पटरियों पर करते हुए प्लेटफार्म नंबर एक पर आ गया। और तभी वंदे भारत भी वहां से क्रॉस हुई रेलवे स्टाफ ने उसे पकड़ लिया। काफ़ी माथा फोड़ी भी हुई। देखिए संलग्न वीडियो दोस्तों ऐसे में कोई भी दुर्घटना हो सकती है। तो आर ओ बी का होना अत्यंत आवश्यक है।

            तीसरी और बड़ी समस्या है विश्राम ग्रह की बड़ी मुश्किल से विकास समिति के सहयोग से यहां एक शानदार विश्रामगृह का निर्माण हुआ। आप देख सकते हैं अपनी पूरी स्क्रीन पर विश्रामगृह। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी इसका सुचारू संचालन नहीं हो पाया है। कारण यहां रेलवे टेंडर करता है लेकिन कोई स्थाई स्टाफ नहीं आ पाया। कुछ फंड की भी कमी है। ऐसे में विकास समिति को या किसी अन्य दानदाता को आगे बढ़कर इसकी देखरेख के लिए स्टाफ की नियुक्ति करनी चाहिए। 

           साथ ही एक मुख्य समस्या यह भी है कि एक अरसे से यहा पानी की सप्लाई भी बंद है। इनके अलावा पर्याप्त आय होने पर भी यहां कुछ मुख्य ट्रेनों के ठहराव भी की भी मांग है। जिसका जिक्र हम अगले कार्यक्रम में करेंगे। बहरहाल अभी प्लेटफार्म की ही बात। बरसात के दिनों में प्लेटफार्म तक पहुंचाने के लिए कीचड़ से भारी मशक्कत करनी पड़ती है।

             अब बात करते हैं प्लेटफार्म विकास के लिए की जाने वाली कोशिशो की। हालांकि श्री नरेंद्र जैन, विशाल जी पाटोदी और वासुदेव जी धुत आदि समय-समय पर भरपूर कोशिशे करते रहते हैं। लेकिन इसके लिए जिस सामूहिक प्रयास की आवश्यकता होती है उसका नितांत अभाव है। यहां उदाहरण दिया जा सकता है डीडवाना के श्री नरेंद्र सिंह जी मोहनोत का जिनकी सामूहिक कौशिशो ने डीडवाना प्लेटफार्म को कहां से कहां पहुंचा दिया आज डीडवाना प्लेटफार्म सभी सुविधाओं से युक्त है। 

          कुचामन की दो प्रमुख संस्थाएं कुचामन के विकास के लिए काम करती है।  जिनमें से प्रमुख है कुचामन विकास समिति, कुचामन विकास समिति अध्यक्ष श्री ओमप्रकाश जी काबरा से हम कल मुलाकात करेंगे। और जानेंगे उनसे कुचामन रेल्वे स्टेशन के विकास की उनकी योजनाऐ। दूसरी संस्था है  कुचामन को जिला बनाओ संघर्ष समिति जिसके बारे मे भी हम कल यानी अगले एपिसोड मे बात करेंगे। आज के लिए इतना ही धन्यवाद।

About Manoj Bhardwaj

Manoj Bhardwaj
मनोज भारद्धाज एक स्वतंत्र पत्रकार है ,जो समाचार, राजनीति, और विचार-शील लेखन के क्षेत्र में काम कर रहे है । इनका उद्देश्य समाज को जागरूक करना है और उन्हें उत्कृष्टता, सत्य, और न्याय के साथ जोड़ना है। इनकी विशेषज्ञता समाचार और राजनीति के क्षेत्र में है |

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