Sunday , 24 May 2026

भाजपा और कांग्रेस की बयानबाजी के बीच नगर परिषद के दो अधिकारी APO

अभी कुछ दिनों से कुचामन की राजनीति में आरोप प्रत्यारोप की स्थिति बनी हुई है। शुरुआत कुछ इस तरह हुई कि कांग्रेस के नगर अध्यक्ष श्री सुरेंद्र सारस्वत और पूर्व नगर परिषद उपसभापती श्री हेमराज चावला ने 18 मई को एक संयुक्त बयान जारी कर पुराने रोडवेज बस स्टैंड पर सीमेंट की सड़क निर्माण में हुई अनियमितताओं पर सवाल खड़े किए। देखिए प्रेस नोट अपनी पूरी स्क्रीन पर। इसके बाद 19 मई को फिर एक और प्रेस विज्ञप्ति जारी कर करोड़ों रुपए के घोटाले के गंभीर आरोप दोनों नेताओं ने नगर परिषद पर लगाए। अब यहां  गौरतलब है कि आरोप नगर परिषद प्रशासन पर लगाए गए थे। वर्तमान में नगर परिषद भंग हो चुकी है मतलब प्रशासन आयुक्त के हाथों में है। और आयुक्त के बाद उपखंड अधिकारी की मॉनिटरिंग इस पर चलती है। 

              तो स्वाभाविक रूप से जवाब देही आयुक्त महोदय की होगी और आयुक्त श्री शीकेश काकरिया ने एक बयान जारी कर इन आरोपों का खंडन भी किया था। लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आया जब 20 मई को पूर्व सभापति नगर परिषद श्री सुरेश सिखवाल और भाजपा मंडल अध्यक्ष श्री बाबूलाल मारवाड़ा ने एक सामूहिक बयान जारी कर कांग्रेस के आरोपी को झूठा बताया और कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपी को उनकी खिसियाहट करार दिया।

              अब दोस्तों घटनाक्रम कुछ बदला आज पता लगा कि नगर परिषद में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। स्थानीय निकाय निदेशालय(DLB ) के एक आदेश के अनुसार नगर परिषद में कार्यरत सहायक अभियंता ललित कुमार गुप्ता और कनिष्क अभियंता जुगल किशोर मंडा को तत्काल प्रभाव से एपीओ कर दिया गया। नगर परिषद में अब तक लगातार पांच अधिकारियों को APO  किया जा चुका है।

               दोस्तों यहां कई सवाल खड़े होते हैं सवाल नंबर 1 आम तौर पर देखा गया है केंद्र में जब भी चुनाव आयोग से प्रश्न किए जाते हैं तो उनके बचाव में भाजपा नेताओं के बयान सामने आते हैं अरे भाई जवाब देह  चुनाव आयोग है। आपसे जवाब नहीं मांगा गया है चुनाव आयोग को ही जवाब देने दे। आप बीच में कूद कर खुद को संशय के घेरे में ले आते हैं। इसी तर्ज पर कांग्रेसी नेताओं के सवालों का जवाब जहां नगर परिषद आयुक्त या उपखंड अधिकारी को देना चाहिए था। जवाब देते हैं पूर्व नगर परिषद सभापति और भारतीय जनता पार्टी मंडल अध्यक्ष। अरे भाई वर्तमान में आप किसी भी पद पर नहीं है। आप किसी भी सवाल के प्रति जवाब देह नहीं है। और रही सवाल की बात तो विपक्ष का काम है सवाल पूछना सवाल खड़े करना और यदि कहीं भ्रष्टाचार दिखाई देता है तो विपक्षी उसे रोकने की कोशिश कर सकते हैं यह उनका अधिकार है।

                दूसरा सवाल पूर्व में एलएनटी और रूडीप द्वारा किए गए कार्य की गारंटी निश्चित समय अवधि तक थी। यदि उस अवधि में कोई सड़क टूटती है तो उसकी रिपेयरिंग की गारंटी एलएनटी की ही होती है। और अभी एलएनटी कुचामन में कार्यरत है। एलएनटी द्वारा सारड़ा कॉम्पलेक्स के सामने की सड़क जो बनवा गई थी उसे नए ठेके के द्वारा बनवाई गई है। जबकि उसे एलएनटी द्वारा ही बनवाया जा सकता था। क्योंकि एलएनटी अभी कुचामन में ही कार्यरत है और यदि सड़क में टूट फूट होती है तो एलएनटी उसे उसमें सुधार करने के लिए जवाब देह है। लेकिन फिर भी आपने नया ठेका देकर वहां पर सड़क बनवाई है ऐसा क्यों ?

                तीसरा सवाल पूर्व में जो 400 करोड़ के काम हुए थे उन्हें आप पेच वर्क  बता रहे हैं और जो अपने 70 करोड़ खर्च किए हैं वह नवनिर्माण है। सर 400 करोड़ और 70 करोड़ में फर्क होता है इतना तो आप भी जानते ही होंगे।

               और चौथा और अंतिम सवाल जो की सबसे बड़ा सवाल भी है भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा जो बयान बाजी जारी की गई थी उस में उन्होंने कहा था कि एक भी पैसे का भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। तो सर यदि भ्रष्टाचार नहीं हुआ है तो आज दो अधिकारियों को किस अपराध में APO किया गया। कांग्रेस के बोर्ड के भंग हो जाने के बाद अब तक पांच अधिकारीयों को APO किया जा चुका हैं। सबसे पहले पूर्व आयुक्त देवीलाल बोचलिया, अकाउंटेंट राजेंद्र रेवाड़ी, RO सुरेंद्र कुमार, और आज सहायक अभियंता ललित कुमार गुप्ता और कनिष्ठ अभियंता जुगल किशोर मंडा। 

               भ्रष्टाचार नहीं हुआ है तो फिर इन अधिकारियों को क्यों आईपीओ किया गया और यदि भ्रष्टाचार हुआ है तो अपने बगैर जानकारी के स्पष्टीकरण क्यों दिया जबकि सवाल नगर परिषद से पूछा गया था।

About Manoj Bhardwaj

Manoj Bhardwaj
मनोज भारद्धाज एक स्वतंत्र पत्रकार है ,जो समाचार, राजनीति, और विचार-शील लेखन के क्षेत्र में काम कर रहे है । इनका उद्देश्य समाज को जागरूक करना है और उन्हें उत्कृष्टता, सत्य, और न्याय के साथ जोड़ना है। इनकी विशेषज्ञता समाचार और राजनीति के क्षेत्र में है |

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