
आईये दोस्तों चलते हैं यात्रा के तीसरे भाग की ओर। जैसा कि कल हमने आपको बताया था कि हम सीता माता से जीराव जी की बावड़ी की तरफ निकल पड़े थे । जी राव जी की बावड़ी के कुछ आगे चलते ही जंगल में प्रवेश हो जाता है । हम लोगों ने भी जंगल में प्रवेश कर लिया । हंसते गाते हम सभी जंगल में चल रहे थे । थोड़ी ही दूरी पर हमने साफ पानी की जगह बैठकर नाश्ता करने का विचार किया और यहीं पर वह घटना घटित हुई जो कि हमें पूरी जिंदगी याद रहेगी । हम लोग वहां पर शांतिपूर्वक नाश्ता कर रहे थे । और सभी इस बात को अच्छी तरह से जानते थे कि जंगल में कचरा नहीं करना चाहिए । तो इस बात के इंतजाम भी हम अपने साथ लेकर गए थे ।

अचानक वहां पर वन विभाग की गाड़ी आ गई । उन्हें में से एक व्यक्ति ने हमें अपशब्द बोलते हुए बुलाया । तो साहब जाना मुझे ही था और मैं ही गया उनके पास और हाथ जोड़ते हुए मैंने अपना परिचय देना चाहा । लेकिन उस व्यक्ति ने हमारी एक नहीं सुनी। वह व्यक्ति अपने आप को वहां का रेंजर बता रहा था । और उसके मुंह से शराब की भयंकर बदबू भी आ रही थी । इस पर मेरे हाथ में जो नाश्ता था वह रखने के लिए मैं मुड़ा और तभी पीछे से मेरी बेटी प्रतिष्ठा और निखिल जो की जयपुर से है और फ्री लॉन्स पत्रकार है और अभी पत्रकारिता के विद्यार्थी भी हैं ।

मेरी बेटी प्रतिष्ठा ने उस व्यक्ति को सीधा ही कह दिया कि आपको गलत गाली देने का अधिकार किसने दिया और निखिल के साथ उन लोगों से बात करने लगी । उन लोगों के मुंह से ऐसी ऐसी गालियां निकल रही थी दोस्तों की जम इस मंच पर आपको सुना भी नहीं सकते । दोस्तों शोलेश्वर महादेव की तरफ जाने के लिए जो रास्ता है उस दिन उस रास्ते पर किसी तरह की रोक नहीं थी यह जानकारी लेकर ही हम जंगल में प्रविष्ट हुए थे । तो हमारा मनोबल ऊंचा था ।

दोस्तों वीडियो देखिए किस तरह से वे लोग हमें अपमानित कर रहे थे लेकिन अंत में उन्हें ही हार माननी पड़ी हमारी टीम को आगे जाने दिया गया । लेकिन हम थोड़ी ही दूर निकले थे कि भी लोग चार जंगल गार्ड को जो की वर्दी में थे हाथों में लठ थे उनको लेकर फिर हमारे सामने आ गए । लेकिन हम भी बगैर डरे उनके सामने से निकल गए और यहीं पर इस व्यक्ति द्वारा हमारे मित्र पत्रकार के .पी.सिंह साहब के लिए अपशब्द कहे गए और कहा गया कि उन्हें वह कुछ नहीं समझता है । में यह के पी सिंह साहब और स्वयं माधोपुर के दर्शकों से गुजारिश करूंगा कि इस वीडियो को इतना वायरल कर दे कि यह पुनः उन लोगों तक पहुंचे और वे आगे से किसी यात्री के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं करे ।

तो दोस्तों यहां से हम आगे बढ़े सोलेश्वर महादेव की तरफ और जब हम सोलेश्वर महादेव की चढ़ाई चढ़ने लगे तो इस समय हमारी क्विक न्यूज़ की सह संपादक और मेरी धर्मपत्नी श्रीमती वंदना की तबीयत अचानक खराब हो गई । हमारे साथ मेडिकल के अच्छे जानकार नेह पाल सिंह जी थे । तो उन्होंने उनका इलाज किया और हम लगभग 5:00 बजे सोलेश्वर महादेव पहुंच गए। दोस्तों इसी चढ़ाई के बीच में एक झरना आता है बहुत सुंदर झरना है और हम सभी ने इस झरे को बहुत एंजॉय किया सभी ने वहां पर प्रदान किया नहाए हुए और काफी एंजॉय किया।

तो दोस्तों अंत में हम पहुंचे सोलेश्वर महादेव यहां पर हमने आराम किया रात्रि को खाना बनाया और खाया इसके बाद हम वहीं पर सो गए । अब उस रात के बाद की जो भी बात है वह अगले एपिसोड में कल के दिन दोस्तों अगला एपिसोड विशेष होगा क्योंकि इसी दिन वह युवक मयंक जिसने हमारी मदद की और जो हमारे लिए अविस्मरणीय रहेगा जिंदगी भर । उसी की बात आगे बताई जाएगी आपको कल ।
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