
हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति प्रताप बस्ती कुचामन के संयोजक राजकुमार सिंघाटिया ने बताया कि समिति के द्वारा आज रविवार को विशाल कलश शोभा यात्रा के साथ हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जिसमें गौरीशंकर मंदिर गौशाला से करीबन 500 से अधिक संख्या में मातृशक्ति द्वारा कलश यात्रा निकाली गई | जिसमें बैड बाजे के साथ हिंदू संस्कृति से संबंधित झांकियां जिसमें भारत माता ,रानी लक्ष्मीबाई, अहिल्याबाई होलकर, मीराबाई इत्यादि घोड़ी पर सवार होकर कार्यक्रम स्थल पहुंची। नगर के सभी जाति समुदाय के लोग हर्षोल्लास के साथ कार्यक्रम के सहभागी बने। उपस्थित जन समुदाय को मंचासीन पूज्य संत श्री मौनी बाबा ,पूज्य संत श्री भगवान दास जी , वक्ता श्री पीयूष जी दवे एवं सुश्री नैना बागड़ा ने संबोधित किया जिसमें संगठित हिंदू समाज ,समरस समाज ,नारी उत्थान व जातिगत भेदभाव को मिटाकर संगठित समाज के निर्माण हेतु प्रेरित किया। कार्यक्रम के पश्चात भारत माता की आरती एवं महाप्रसादी का आयोजन हुआ जिसमें हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।

पूज्य संत श्री मोनी बाबा ने सनातन धर्म और हिंदू सभ्यता संस्कृति की विशेषताओं का वर्णन करते हुए वर्तमान समस्याओं का जिक्र किया जिसका एक ही हल है एक रहेंगे सेफ रहेंगे बटेंगे तो कटेंगे | वही पूज्य संत श्री भगवान दास जी ने धर्म का अर्थ बताया जिसे धारण किया जाए वही धर्म है | वर्तमान में युग धर्म के अनुसार आचरण करना चाहिए हमारे ऋषि मुनी पूर्वजों की प्रेरणा का अनुसरण करना चाहिए अपने आने वाली पीढ़ी को अच्छे संस्कार देकर जाएं जिससे वह देश और समाज का भला कर सके |

सुश्री नैना बागड़ा ने एक कविता प्रस्तुत की “धर्म बचेगा तो देश बचेगा।” जिसके साथ उन्होंने मातृ शक्ति को जगाया की माता में मातृत्व, कृतत्वऔर नेतृत्व के गुण होने चाहिए इनके क्रमशः जीजाबाई,अहिल्याबाई होलकर और झांसी की रानी लक्ष्मीबाई का उदाहरण देकर गुणों का बखान किया। मुख्य वक्ता श्रीमान पीयूष जी दवे ने बताया हमारा सनातन धर्म और हिंदू सभ्यता संस्कृति सबसे पुरातन है यह आदि अनादि काल से चली आ रही है। हमें हिंदू होने का गर्व होना चाहिए। एक हजार वर्ष पूर्व इस संस्कृति पर शको हुणो मुगलो और अंग्रेजों ने अनेक आघात किए पर इसकी जड़े बहुत गहरी हैं। हम अभी तक अपनाअस्तित्व बचाएहुए हैं।

संघ के शताब्दी वर्ष की चर्चा करते हुए सामाजिक मंच परिवर्तन सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण,नागरिक शिष्टाचार और स्वदेशी का बोध आदि की चर्चा की। आज की वर्तमान परिपेक्ष में हमें ऊंच-नित जात-पात छुआछूत वर्ग भेद से ऊपर उठकर एक जाजम पर समाज को लाकर हर समस्या का समाधान करना चाहिए संगठित हिंदू समर्थ भारत की कल्पना को साकार करना चाहिए।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिमांशी प्रियंका खुशी साक्षी सोनू रीनू इशिका और रंजना कुमावत ने अपनी प्रस्तुति दी
, मंच संचालन नटवरलाल दाधीच जी ने किया | सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिमांशी प्रियंका खुशी साक्षी सोनू रीनू इशिका और रंजना कुमावत ने अपनी प्रस्तुति दी | मंच संचालन नटवरलाल दाधीच ने किया | कार्यक्रम का प्रारंभ भारत माता पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ मंत्रोचार के साथ हुआ | सुहानी एक नन्ही मुन्नी बालिका ने देशभक्ति कविता प्रस्तुत की ,विष्णुधरा शर्मा ने हिंदू सभ्यता और संस्कृति को अक्षुण्य बनाए रखने के लिए संकल्प दिलवाया | कार्यक्रम के अंत में समिति के संयोजक राजकुमार सिंघाटिया ने धन्यवाद ज्ञापित किया |
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