
आज स्टेशन रोड स्थित पीएम श्री जवाहर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कुचामन सिटी में अंतर्राष्ट्रीय ओजोन दिवस अनूठे संदेश के साथ मनाया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुचामन मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी भंवर लाल खोखर रहे वहीं अध्यक्षता प्रधानाचार्या मंजू चौधरी की। इस मौके पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं में ओजोन परत के विघटन के कारणों , विघटन से होने वाले होने वाले दुष्प्रभाव एवं इससे बचने के उपायों पर मॉडल, चार्ट तथा पोस्टरों की एक प्रदर्शनी लगाई। ओजोन होल का निर्माण एवं इसको किस तरह से काम किया जाए विषय पर एक प्रश्नोत्तरी आयोजित की गई। इको क्लब वॉलिंटियर्स ने ओजोन परत के साथ सूर्य ,पृथ्वी, अग्नि ,जल एवं आकाश के संबंधों को दर्शाते हुए शानदार मॉडल बनाया।

सीबीईओ भंवर लाल खोखर ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर छात्रों द्वारा लोगों को ओजोन परत विघटन के प्रति जागरूक करने के लिए किए गए प्रयासों की भूरि भूरि प्रशंसा की। खोखर ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि आज मानव पढ़ लिखकर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है मगर आधुनिकीकरण की दौड़ में मनुष्य ने प्रकृति और पर्यावरण से जाने और अनजाने में इतना बड़ा खिलवाड़ कर दिया है कि आज ग्लोबल वार्मिंग, सूखा, बाढ़ जैसी भयानक पर्यावरणीय समस्याएं मनुष्य के सामने पैदा हो गई है और ऐसी ही एक सबसे बड़ी समस्या है ओजोन परत का विघटन। खोखर ने बताया कि हम भौतिकतावादी इस युग में जो रेफ्रिजरेटर्स ,फ्रिज आदि का बिना सोचे समझे प्रयोग कर रहे हैं उनसे निकलने वाली जहरीली गैस क्लोरोफ्लोरोकार्बन ओजोन परत का निरंतर विघटन कर रही है, जिससे सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणें सीधी धरातल तक पहुंचेगी और न केवल मनुष्य अपितु वनस्पति तक को प्रभावित करेगी । अतः हम सबको भौतिकतावादी जीवन को छोड़कर सादगी पूर्ण जीवन जीना चाहिए ताकि हम प्रकृति और पर्यावरण के साथ संतुलन बनाए रख सके और इसका मात्र एक उपाय है हमें पेड़ों की ओर लौटना पड़ेगा।

प्रधानाचार्य मंजू चौधरी ने ओजोन परत संरक्षण के प्रति छात्रों के कर्तव्यों की ओर ध्यान खींचा तथा कहा कि हमें निरंतर वृक्षारोपण करना है, प्लास्टिक के प्रयोग से बचाना है तथा हर संभव प्रदूषण को कम करना है। चौधरी ने कहा कि मेरा इको क्लब एवं विद्यालय परिवार लगातार पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरुक है एवं वृक्षारोपण करते हुए निरंतर अपने दायित्वों का पालन कर रहा है।

इको क्लब प्रभारी डॉक्टर भंवर लाल गुगड़ ने बताया कि 1984 में जब अंटार्कटिका महाद्वीप पर ओजोन परत में हॉल की घटना वैज्ञानिकों के सामने आई, तब से वैज्ञानिकों ओजोन परत के पुन: संरक्षण के लिए लगातार प्रयास कर रहें हैं। पहला प्रयास 16 सितंबर 1987 को कनाडा के मॉन्ट्रियल शहर में किया गया। संयुक्त राष्ट्र संघ के 180 देशों ने क्लोरोफ्लोरोकार्बन, हेलोन ,मिथाइल ब्रोमाइड, नाइट्रिक ऑक्साइड जैसी गैसें जो ओजोन परत को नुकसान पहुंचा रही है का उपयोग कम करने की बात पर जोर दिया तथा लोगों में इन रसायनों के दुष्प्रभाव के प्रति जागरूकता लाने के लिए 16 सितंबर 1994 से लगातार विश्व ओजोन दिवस मनाने की परंपरा शुरू की गई। गुगड़ ने कहा कि यदि ओजोन परत इसी तरह से क्षीण होती गई तो सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणें मनुष्य में त्वचा संबंधी रोग ,कैंसर, मोतियाबिंद, जलीय पादपों को प्रभावित करने के साथ-साथ प्रकाश संश्लेषण की दर को कम कर देगी जिससे फसलों की उत्पादन दर घट जाएगी। अतः हम सब का दायित्व है कि जहां तक संभव हो हम फ्रिज ,रेफ्रिजरेटर आदि से बचें यदि प्रयोग में लेते भी हैं तो क्लोरोफ्लोरोकार्बन रहित लेबल लगा हुए रेफ्रिजरेटर का उपयोग करें। गुगड़ ने कहा कि हमें सिंगल यूज प्लास्टिक को ना कहना है, साथ ही 3R रीसाइकिल, रीयूज एवं रिफ्यूज के फार्मूले को जीवन में अपनाना होगा ताकि प्लास्टिक से होने वाले पर्यावरणीय प्रदूषण से बचा जा सके।

विज्ञान प्रभारी गोपाल गांधी ने बताया कि हम कीटनाशकों के तौर पर जो मिथाइल ब्रोमाइड जैसे रसायनों प्रयोग कर रहे हैं उनके स्थान पर जैविक कीटनाशक ट्राइकोडर्मा हर्जियनम आदि का प्रयोग करना है। हमें जैविक खादों का प्रयोग करना चाहिए, जिससे विषाक्त रसायनों से बचा जा सके। पर्यावरण प्रेमी मनोज भारद्वाज ने साल में काम से कम 10 दिन प्रकृति के साथ गुजरने की अपील छात्रों से की ताकि वह प्रकृति के रहस्यों को जान सकें ।

इस अवसर पर व्याख्याता हकीम अली खान ने मिट्टी के बर्तन खरीद कर जीवन में प्लास्टिक एवं धातु के बर्तनों का प्रयोग न करने की शपथ ली । छात्रों ने ओजोन संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। इस अवसर पर सीबीईओ खोखर ने “ग्रीन परेड” रैली को रवाना किया जो जवाहर स्कूल से प्रारंभ होकर सब्जी मंडी होते हुए गोल प्याऊ तथा मुख्य बाजार से होते हुए पुन: जवाहर तक पहुंची । रैली के दौरान छात्रों ने “पेड़ लगाओ ओजोन बचाओ”, “रेफ्रिजरेंट हटाओ ओजोन बचाओ” के नारे लगाते हुए लोगों को ओजोन परत संरक्षण के प्रति जागरूक किया।

इको क्लब वॉलिंटियर्स एवं प्रभारी डॉक्टर भंवर लाल गुगड़ ने सब्जी मंडी में फल विक्रेताओं एवं सब्जी विक्रेताओं को 221 कपड़े के थेले वितरित कर प्लास्टिक का प्रयोग न करने के लिए प्रेरित किया। ओजोन परत एवं पर्यावरण को बचाना है तो पेड़ों की ओर लौटना होगा कि थीम का पालन करते हुए इको क्लब वॉलिंटियर्स में प्रधानाचार्या मंजू चौधरी ,इको क्लब प्रभारी डॉक्टर भंवर लाल गुगड़ एवं पूर्व प्राचार्य रामनिवास साहू के सानिध्य में लव कुश वाटिका में 211 पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम में एनएसएस प्रभारी राजेश चौधरी, व्याख्याता हिम्मत सिंह, मीनाक्षी राठौड़ , मंजू कुमावत, राज गोठवाल,उमा सारस्वत सरोज शेखावत, संतोष देथा, पूनम मीणा, सोनू सोनी, एजाज खान, प्रशासनिक अधिकारी न नौरतन, देवेंद्र सोनी, पर्यावरण प्रेमी मनोज भारद्वाज, रामस्वरूप चौधरी ,दयाराम कलावत,सुरज्ञान चौधरी सहित विद्यालय का संपूर्ण स्टाफ मौजूद रहा।
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