9 साल के लंबे इंतजार के बाद आज कुचामन न्यायालय द्वारा आज कुचामन पुलिस के हेड कांस्टेबल फेज़ मोहम्मद के हत्यारो को उम्र केद की सजा सुनाई गई। न्यायालय ने बहुचर्चित फेज़ मोहम्मद हत्याकांड के मुख्य आरोपी विजेंद्र सिंह इंडाली और सहयोगी मदन सिंह बिंज्यासी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और आरोपियों की गाड़ी में मिली महिला आरोपी को सबूत के अभाव में बरी कर दिया गया।
पुलिस थाना कुचामन सिटी में कार्यरत हेड कांस्टेबल फेज़ मोहम्मद को 15 नवंबर 2014 को आरोपी हिस्ट्रीशिटर विजेंद्र सिंह इंडाली व मदन सिंह ने पुलिस की गाड़ी को टक्कर मार कर अंधाधुंध फायरिंग कर मौत के घाट उतार दिया था।
9 साल से ज्यादा
चले मामले के बाद बुधवार को आरोपियों को सजा सुनाएगी मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 35 से अधिक गवाहों के बयान करवाए गए और 138दस्तावेज सबूत के तौर पर पेश किए गए।
अपर लोक अभियोजक एवं राजकीय अभिभाषक दौलत खान ने इस प्रकरण में सरकार की ओर से पैरवी की न्यायालय ने दोनों आरोपियों को धारा 302 के अंतर्गत आजीवन कारावास की सजा तथा एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है, धारा 307 में 10 साल की सजा तथा 50-50 हजार रुपए का जुर्माना,धारा 353 में एक एक साल की सजा तथा 10-10हजार रुपए जुर्माना,तीन पीडीपी 3 साल की सजा तथा सुनाई है।याद रहे आरोपी 27 नवंबर 2014 से जेल में है।
चार्ज शीट में पुलिस ने प्रत्येक बिंदु की गहनता से जांच कर प्रत्येक तथ्य को अपनी जांच में शामिल किया। इनमें सेमी ऑटोमेटिक राइफल से गोली चलाने,फेज़ मोहम्मद की बॉडी से मिली गोलियों का राइफल से निकली गोलियों से मिलान,पोस्टमार्टम की रिपोर्ट, बरामद की गई लग्जरी कार,जब्त किए गए बड़े पैमाने पर हथियार, एवं वारदात के ठीक बाद पुलिसकर्मियों द्वारा उच्च अधिकारियों को सूचना देने सहित छोटे-छोटे तथ्यों को भी शामिल किया गया। कैस की मजबूती के लिए पुलिस ने चश्मदीद गवाहों की गवाही को भी शामिल किया।
इस तरह आज बहु प्रतीक्षित और बहुचर्चित फैज मोहम्मद हत्याकांड मामले में आरोपियों को सजा मिल ही गई।
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