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राजस्थान में 6.10 लाख करोड़ का बजट पेश, 3.69% रहेगा राजकोषीय घाटा

जयपुर, 11 फ़रवरी , राज्य की उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी ने बुधवार को विधानसभा में वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया। सरकार ने आगामी वित्त वर्ष के लिए लगभग 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ का बजट आकार प्रस्तावित किया है, जिसे विकास और वित्तीय अनुशासन के संतुलन के साथ तैयार किया गया है।

बजट प्रावधानों के अनुसार वर्ष 2026-27 में कुल राजस्व प्राप्तियां 5 लाख 25 हजार 740 करोड़ 34 लाख रुपये रहने का अनुमान है। वहीं, राजस्व व्यय 3 लाख 50 हजार 50 करोड़ 54 लाख 7 हजार रुपये आंका गया है। सरकार ने वित्तीय संतुलन बनाए रखने पर जोर देते हुए राजकोषीय घाटा 79 हजार 492 करोड़ 52 लाख रुपये रहने का अनुमान व्यक्त किया है, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 3.69 प्रतिशत होगा।

आर्थिक प्रगति के संकेत देते हुए राज्य का सकल घरेलू उत्पाद वर्ष 2026-27 में ₹21 लाख 52 हजार 100 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। सरकार ने ‘विकसित राजस्थान @2047’ की परिकल्पना को आधार बनाते हुए पूंजीगत व्यय और दीर्घकालिक निवेश को प्राथमिकता देने की रणनीति अपनाई है। बजट में आधारभूत संरचना, निवेश संवर्धन और विकासोन्मुख योजनाओं पर जोर देते हुए वित्तीय अनुशासन कायम रखने का संकल्प दोहराया गया है। साथ ही अवसंरचना विकास, सड़क एवं पुल निर्माण, जल संसाधन परियोजनाएं, सिंचाई विस्तार, ऊर्जा क्षेत्र सुदृढ़ीकरण तथा नगरीय आधारभूत ढांचे पर विशेष बल दिया गया है। ग्रामीण विकास, पेयजल योजनाएं और कृषि से जुड़े निवेश को भी प्राथमिकता सूची में रखा गया है।

शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र में संस्थागत सुदृढ़ीकरण, भवन निर्माण, उपकरण उपलब्धता और सेवाओं के विस्तार के लिए बजटीय प्रावधान दर्शाए गए हैं। सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और कमजोर वर्गों के कल्याण से संबंधित मदों का भी विस्तृत उल्लेख किया गया है।सरकार ने विकसित राजस्थान @2047 की परिकल्पना के अनुरूप पूंजीगत व्यय बढ़ाने और दीर्घकालिक निवेश को गति देने की रणनीति अपनाने की बात कही है। बजट के अंत में राज्य की समग्र वित्तीय संरचना, व्यय प्राथमिकताओं और विकास मॉडल की स्पष्ट तस्वीर प्रस्तुत की गई हैं, जिसमें वित्तीय संतुलन बनाए रखते हुए विकास की रफ्तार तेज करने का प्रयास दिखाया गया है।

वही अपने शहर कुचामन से भी बजट पर प्रतिक्रियाए प्राप्त हुई हे पेश हे आपके सामने —

टैक्स एक्सपर्ट संदीप अग्रवाल ने बजट को सकारात्मक बताया है ,उप मुख़्यमंत्री दिया कुमारी ने लखपति दीदी योजना की सीमा को 1 लाख से 1 .5 लाख कर दिया है ,प्रवासी राजस्थानियों के लिए एक नया विभाग बनाया जाएगा ,नयी इकाइयों के लिए मार्जिन मनी सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई जाएगी ,सीकर ,चूरू, डीग में एयरपोर्ट स्थापना के प्रयास किये जायेंगे ,मुख़्यमंत्री युवा उद्यमी योजना में 1000 करोड़ का फण्ड का प्रावधान किया है ,जिससे प्रदेश के युवा लाभान्वित होंगे , जिसमे ब्याज लगभग मुक्त होगा, रजिस्ट्रेशन का सरलीकरण होगा, नए जिलों में जिला उपभोक्ता भंडार खोलना ग्राहकों के लिए सकारात्मक कदम है , परन्तु इस बजट में वैट और स्टाम्प ड्यूटी में कुछ कमी नहीं की गयी |

जनता ने बजट देखने में गवांए 3 घण्टे। 1 यह बजट न ही व्यापारी वर्ग का है न ही किसान कमेरे वर्ग का है, न ही युवा और छात्र वर्ग का है, न ही नौकरी_ पेशा वर्ग का है|। 2 बजट को देखकर लग रहा है कि बजट वातानुकूलित कमरे में बैठकर AI के द्वारा बनाया गया है जिसका धरातल से कोई संबंध नहीं है|। 3 -बजट में कोई विशेष घोषणा नहीं होने पर आम जन नाराज है जिसका परिणाम भाजपा को आगामी पंचायती चुनाव और नगर निकाय चुनाव भुगतना पड़ेगा|। 4 – बजट में धरातल की बात न होकर मुंगेरी लाल के हसीन सपने की तर्ज पर 2047 के सपनों का झुनझुना पकड़ाया जा रहा है|। 5- भारत का सबसे बड़ा भू भाग रखने वाले प्रदेश में पर्यावरण पर कोई बहुत कम राशि रखी गई है| जो कि आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है|। 6- जहां राजस्थान सरकार बजट में बावड़ी के संरक्षण और सौंदर्यीकरण की घोषणा कर रही है वही कुचामन में बावड़ी पर कब्जे हो रहे हैं |। 7- कुचामन सिटी और नावां के लिए बजट में कोई विशेष घोषणा नहीं होने के कारण आम जनता में निराशा और नाराजगी है।|। 8- बजट से प्रतीत होता है कि डबल इंजन की सरकार डबल इंजन से जनता के सपने रौंद रही है। पार्षद सुभाष पावड़िया

राजस्थान की भाजपा सरकार का बजट में घोषणाएं पूरी है लेकिन वादे अधूरे यह बजट जनता के लिए कम व पार्टी प्रचार के लिए ज्यादा नजर आता है युवाओं को रोजगार नहीं उम्मीदों की फाइल मिलेगी किसान महिला मजदूर सबको जुमलों का राशन मिलेगा। भंवर अली खान ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कुचामन सिटी विधान सभा नावां

प्रदेश का 2026–27 का बजट दिशाहीन – कांग्रेस
कचामन उपखण्ड कांग्रेसजनों के अनुसार ‘ राज्य की भाजपानित भजनलाल सरकार का उपमुख्यमंत्री एवं वित्तमंत्री द्वारा प्रस्तुत तीसरा बजट एकदम ही जन आकांक्षाओं के विपरीत एवं दिशाहीन प्रतीत होता है ।


1.. प्रदेश कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ महासचिव मुकेश कुमावत – प्रदेश के बजट पर प्रतिक्रिया करते हए बताया कि कांग्रेस शासन में बजट पेश करने के दौरान कुचामन कस्बे सहित पूरे उपखण्ड के लिए की जाने वाली विभिन्न घोषणाओं के साथ कुचामन कस्बे सुनकर गर्व का एहसास होता था। इसकी अपेक्षा वर्तमान भाजपा सरकार के बजट में कुचामन कस्बे या उपखण्ड का किन्हीं घोषणाओं में नाम नहीं आने से क्षैत्र के ‘लोग अपनेआप को ठगा सा महसूस कर रहे है। पूर्व विधायक व उपमुख्य सचेतक महेन्द्र चौधरी के कार्यों की आज भी लोगों को मूक्त कठ से प्रशसा करते हुए देखा जा सकता है।


2.. नगर परिषद निवर्तमान उपसभापति हेमराज चावला प्रदेश के बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चावला ने कहा कि राज्य सरकार के तीसरे बजट में कुचामन उपखण्ड के साथ एकदम ही सौतेलेपन की झलक मिलती है। बजट में कुचामन-डीडवाना के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं किए जाने से क्षेत्र के युवाओं, महिलाओं, किसानों सहित मध्यम वर्ग में सर्वत्र निराशा व्याप्त है। बजट में नये जिलों के लिए सरकारी कार्यालय बनाने की घोषणा’ तो की गई है, पर यह कुचामन में बनेंगे या डीडवाना में इस पर सस्पेंस बरकरार है। राज्य बजट को देखकर क्षेत्रीय आमजनो में पर्व विधायक महेन्द्र चौधरी का अपनापन याद आने लगा है।

  1. नगर कांग्रेस अध्यक्ष सुतेंद्र सारस्वत – बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा ‘ कि राज्य सरकार का बजट संकीर्ण एवं संवेदनहीन बजट प्रतीत होता है। इसमें आमजन की मौलिक आवश्यकताओं के लिए कोई प्रावधान नहीं रखा गया है। बजट में कुचामन उपखण्ड के लिए कोई नवीन घोषणा ‘ नहीं की जाने से लोगों में निराशा व्याप्त है। बजट में किसानों युवाओं व आमजनों के हितों के साथ कुठाराघात हुआ हे |
  2. पंच: परसाराम बुगालिया अध्यक्ष भगत सिंह यूथ ब्रिग्रेड
  3. कांग्रेस शासन में हर बजट में नावा-कुचामन को मिलती थी सौगात, लेकिन आज बीजेपी सरकार के बजट में हमारे नावा,कुचामन नाम तक गायब यह क्षेत्र किसानों का है, युवाओं का है, मेहनतकश जनता का है फिर विकास की घोषणाओं से दूर क्यों रखा जा रहा है
  4. मेरा सवाल
  5. नावा-कुचामन के साथ यह भेदभाव आखिर क्यों जनता अपने हक से पीछे नहीं हटेगी अगर अनदेखी जारी रही तो लोकतांत्रिक तरीके से आवाज बुलंद की जाएगी
  6. नावा-कुचामन को उसका अधिकार मिले, उपेक्षा नहीं |

आज प्रस्तुत बजट में कुचामन सिटी को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (NI Act) न्यायालय की सौगात दिया जाना अत्यंत सराहनीय एवं ऐतिहासिक निर्णय है।
एक अधिवक्ता होने के नाते मेरा मानना है कि धारा 138 (चेक बाउंस प्रकरण) से संबंधित मामलों की सुनवाई हेतु स्थानीय स्तर पर पृथक न्यायालय की स्थापना न्यायिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुलभ बनाएगी।
अब तक ऐसे प्रकरणों में वादकारियों को अन्य स्थानों पर जाना पड़ता था, जिससे समय, धन एवं श्रम की अनावश्यक हानि होती थी। NI Act कोर्ट की स्थापना से —
चेक अनादरण (Cheque Bounce) मामलों का त्वरित निस्तारण होगा।
व्यापारियों एवं आम नागरिकों को शीघ्र न्याय मिलेगा।
स्थानीय अधिवक्ताओं को कार्य के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में विश्वास एवं पारदर्शिता बढ़ेगी।
मैं सरकार के इस दूरदर्शी निर्णय का हृदय से स्वागत करता हूं तथा आशा करता हूं कि भविष्य में भी कुचामन सिटी को न्यायिक एवं प्रशासनिक रूप से सशक्त बनाने हेतु ऐसे सकारात्मक कदम उठाए जाते रहेंगे।
— अधिवक्ता
हीराराम जी गुर्जर
कुचामन सिटी

About Manoj Bhardwaj

Manoj Bhardwaj
मनोज भारद्धाज एक स्वतंत्र पत्रकार है ,जो समाचार, राजनीति, और विचार-शील लेखन के क्षेत्र में काम कर रहे है । इनका उद्देश्य समाज को जागरूक करना है और उन्हें उत्कृष्टता, सत्य, और न्याय के साथ जोड़ना है। इनकी विशेषज्ञता समाचार और राजनीति के क्षेत्र में है |

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