Monday , 23 March 2026

खुले आम न्यायालय के आदेशो की अवमानना

  अभी 16 मार्च कोई स्थानीय सेशन न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री सुंदरलाल खारोल की अदालत में फैसला आया था। कि मोबाइल डीजे पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया जाए और विवाह स्थलों को निर्देशित किया था कि वह अपने भवन के परिसर में निर्धारित आवाज पर ही रात को 10:00 बजे तक डीजे बजने दे। यदि इन आदेशों की पालना नहीं की गई तो मोबाइल डीजे पर चालान अथवा जब्ती की कार्रवाई की जाएगी और वैवाहिक स्थलों पर सीज करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।

            लेकिन धरातल पर इन आदेशों का कोई अमल होता दिखाई नहीं दे रहा है। सड़क पर डीजे की तेज आवाज गूंजती नजर आती है तो रात को भी डीजे की आवाज आती रहती है। प्रस्तुत वीडियो में देखिए कुचामन कॉलेज के सामने से डीजे अपनी पूरी आवाज के साथ पूरे शवाब पर डांस करता देखा जा सकता है। 

            बात यही नहीं रुकती दोस्तों इस वीडियो में देखिए शहर के प्रमुख विवाह स्थल के अंदर डीजे अपनी पूरी आवाज के साथ बज रहा है। अब विवाह स्थलों के अंदर ही जब तेज डीजे बजते नजर आएंगे तो सम्माननीय न्यायालय के आदेशों का क्या?

             बहरहाल विवाह स्थलों के आसपास रहने वाले लोगों ने इस पर आप गहरा आक्रोश जताया है और कहां है कि यदि न्यायालय के आदेशों के बाद भी इन डीजे वालों पर कार्यवाही नहीं होती है तो हमें आमरण अनशन जैसे विकल्प अपनाने पर विचार करना पड़ेगा।

About Manoj Bhardwaj

Manoj Bhardwaj
मनोज भारद्धाज एक स्वतंत्र पत्रकार है ,जो समाचार, राजनीति, और विचार-शील लेखन के क्षेत्र में काम कर रहे है । इनका उद्देश्य समाज को जागरूक करना है और उन्हें उत्कृष्टता, सत्य, और न्याय के साथ जोड़ना है। इनकी विशेषज्ञता समाचार और राजनीति के क्षेत्र में है |

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