
कल यानी चैत्र सुधि प्रतिपदा को भारतीय पंचांग के अनुसार नव संवत्सर मनाया गया। मतलब भारतीय पंचांग के अनुसार विक्रम संवत 2082 पूरा हुआ और हम लोग संवत 2083 में प्रवेश कर गए। साथ ही कल वासंतिक नवरात्र भी शुरू हो गए। इस उपलक्ष में जगह-जगह भव्य कार्यक्रम हुए। आईए जानते हैं कुचामन सिटी में किस भव्यता के साथ यह पर्व मनाऐ गये | नव वर्ष की पूर्व संध्या पर स्थानीय संगीत भारतीय संगीत सदन द्वारा कल्याण मंडप के सभागार में वार्षिक गणगौर पर्व मनाया गया जिसमें कुचामन के कई लोगों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में मुख्यतः तीन प्रतियोगिताएं होती है। गणगौर प्रतियोगिता जिसमें शहर की विवाहित युवतियाँ गणगौर बनाकर मंच पर उपस्थित होती है। गौरी प्रतियोगिता इसमें अविवाहित युवतियाँ भाग लेती है और ईसर गणगौर प्रतियोगिता जिसमें शहर के सर्वश्रेष्ठ जोड़े का चयन किया जाता है और फिर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले को पुरस्कृत किया जाता है।

इस वर्ष गणगौर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान मानवी पत्नी श्री शुभम सेवदा, द्वितीय स्थान गरिमा पत्नी श्री आशीष सेवदा और तृतीय स्थान नीलम पत्नी श्री किशन सेवदा ने प्राप्त किया। वहीं गवरी प्रतियोगिता में कोमल पुत्री महेश सेवदा द्वितीय स्थान पर तीन प्रतियोगी रही वे योगीता वैष्णव पुत्री संजय कुमार, झिलमिल गौड़ पुत्री पवन शर्मा और ट्विंकल शर्मा पुत्री अनिल शर्मा रही। और तृतीय स्थान पर दिव्यांशी शर्मा पत्नि आरती शर्मा रहि। ईसर गणगौर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान आनंद बागड़ा के जोड़े को मिला और द्वितीय स्थान पर मानवी शुभम सेवदा रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता डीडवाना कुचामन पुलिस अधिक्षिका रितु तोमर ने की अंत में संगीत सदन संस्थान अध्यक्ष श्री शिव कुमार अग्रवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया।

कल प्रातः ही स्थानीय शाकंभरी माता मंदिर में घट स्थापना के साथ नवरात्रि पर शुरू हुआ माता के मंदिर में को दुल्हन की तरह सजाया गया।जन-जन की आस्था का केंद्र स्वरूपली डूंगरी पर स्थित मां शाकंभरी मंदिर में चैत्र नवरात्र महोत्सव के अंतर्गत आज मध्यान अभिजीत मुहूर्त मे घट स्थापना के साथ विधिवत प्रारंभ हुए।घट स्थापना के बाद में मां शाकंभरी की दिव्य ज्योत प्रज्वलित की गई।
दिव्यजोत के पश्चात मातेश्वरी की मां आरती की गई जिसमें अपार संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।प्रातः 10:30 बजे वैदिक मंत्रोच्चारण द्वारा पूजा पाठ का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य यजमान के रूप में श्री गिरवर सिंह राठौर सपत्नीक पूजा में सम्मिलित हुए।

पूजा के पश्चात मातेश्वरी का विधिवत्त आवाहन किया गया तथा वैदिक मंत्र उच्चारण द्वारा दुर्गा सप्तशती के पाठ भी किए गए।आज प्रथम नवरात्र के अवसर प्रातः काल से ही मंदिर में भक्तजनों की अपार भीड़ मातेश्वरी के दर्शन के लिए आ रही है। कुचामन नगर ही नहीं अपितु आसपास के ग्रामीण अंचलों से भी श्रद्धालु जन मातेश्वरी के दरबार में पूजा प्रार्थना के लिए पहुंच रहे हैं।श्री शाकंभरी सेवा मंडल ट्रस्ट के तत्वाधान में यह 9 दिवसीय चैत्र नवरात्र महोत्सव का आयोजन किया जाता है।

और फिर शाम को नगर के पुराने बस स्टैंड पर द्रव्य भारत माता पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया सर्व हिंदू समाज द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भव्य पंडाल में काफी संख्या में लोग एकत्रित हुए। यहां पर भव्य देश भक्ति संध्या का आयोजन हुआ। कुचामन के प्रसिद्ध गायक मुकेश राजपुरोहित और अन्य गायको ने अपनी मधुर आवाज में देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए और स्रोताओ का मन मोह लिया। वही कार्यक्रम में शानदार झाँकिया भी प्रस्तुत की गई जिसमें भगवान शंकर की झांकी और बजरंगबली की झांकी प्रमुख आकर्षण का केंद्र रही।
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