Monday , 1 December 2025

रमेश रुलानिया हत्याकांड : प्रश्न अभी बाकी है |

  रमेश रुलानिया हत्याकांड का पटाक्षेप लगभग हो चुका है। हत्यारो को पुलिस ने बहुत जल्दी ही पकड़ लिया है। दबाव काम आया और अपराधी घुटनों के बाल रेंगते नजर आए। एसपी ऋचा तौमर का नेतृत्व और थाना अधिकारी सतपाल सिंह सिहाग, एडिशनल एसपी नेमी चंद खारिया और डिप्टी अरविंद बिश्नोई आदि की तत्परता काम आई और सभी अपराधियों को घुटने टेकने पड़े। कानून ने यह सिद्ध कर दिया कि अपराधी कितना भी शातिर क्यों ना हो कानून से बचना नामुमकिन है।

             बहरहाल जब शूटर और सभी सहयोगी (प्रत्यक्ष अपराधी ) पकड़े जा चुके हैं तो भी मास्टरमाइंड वीरेंद्र चारण और रुपनगढ़ निवासी जीतू चारण अभी तक पुलिस की पहुंच के बाहर है। कल पुलिस द्वारा जैसा कि एसपी साहिबा ने वादा किया था चारों मुख्य अपराधियों की परेड भी निकाली गई और चारों को देखते ही आम जनता के चेहरे पर उनके प्रति नफरत स्पष्ट देखी जा सकती थी। चारों अपराधियों के वीडियो देखिए अपने मोबाइल की पूरी स्क्रीन पर। बहरहाल प्रश्न यह उठता है कि इसी मामले के दूसरे पहलू स्वर्गीय रमेश रुलानीया के परिजन जिन्हें अपने परिवार के एक प्रमुख सदस्य को खोना पड़ा और परिजनों को ही क्यों पूरे शहर को एक अच्छे नागरिक को खोना पड़ा। तो क्या श्री रुलानिया के परिजन पुलिस की इस कार्रवाई से संतुष्ट है या उनके भीतर आक्रोश अभी भी बाकी है। 

                क्विक न्यूज़ ने ज़ब परिजनों से संपर्क किया तो निष्कर्ष यह निकला की परिवारजन इस कार्यवाही से कतई संतुष्ट नहीं है। इस संबंध में परिजन जिला कलेक्टर से भी मिलकर अपनी व्यथा कह चुके हैं।  परिजनो और कुचामन के कई सम्भरांत नागरिकों के अनुसार जब पुलिस कुचामन थाने के बाहर धरना दिया गया था उस समय धरनार्थियों और प्रशासन के बीच जिन बिंदुओं पर सहमति बनी थी उनमें से काफी पर कोई काम नहीं हो सका है। मसलन सहमति के कुछ मुख्य बिंदु किस प्रकार है :-

1. कुचामन थाने में तैनात लापरवाह और खराब छवि वाले पुलिस कर्मियों को तुरंत हटाया जाए।

2. मृतक के परिवार को निशुल्क सुरक्षा प्रदान की जाए।

3. प्रकरण की जांच एडीजी क्राइम और एडीजी एसओजी के सुपरविजन में करवाई जाए।

4. विदेश में बैठे अपराधियों को भारत लाकर कार्रवाई के संबंध में इंटरपोल की मदद ली जाए।

5. हत्याकांड में शामिल बदमाशों की अवैध संपत्तियों पर कार्यवाही( बुलडोज )की जाए।

6. और कुचामन शहर में अभय कमांड सेंटर की स्थापना की मांग भी की गई थी।

           अब परिजनों के अनुसार उपरोक्त वादों में से किसी भी वादे पर प्रशासन गंभीर दिखाई नहीं दे रहा है। यहां तक एक अपराधी शफीक खान की संपत्तियों को सीज करने की कार्रवाई के अलावा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसे में परिजनों ने दोबारा प्रदर्शन आदि की चेतावनी दी है। देखा जाए तो स्वर्गीय रमेश रुलानिया वर्तमान विधायक एवं राज्य मंत्री श्री विजय सिंह चौधरी के काफी नजदीकी माने जाते हैं। ऐसे में प्रश्न यह उठता है कि मंत्री महोदय से नजदीकी होने के बावजूद यदि प्रशासन ढील देता है तो आम जनता का क्या होगा।

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Manoj Bhardwaj
मनोज भारद्धाज एक स्वतंत्र पत्रकार है ,जो समाचार, राजनीति, और विचार-शील लेखन के क्षेत्र में काम कर रहे है । इनका उद्देश्य समाज को जागरूक करना है और उन्हें उत्कृष्टता, सत्य, और न्याय के साथ जोड़ना है। इनकी विशेषज्ञता समाचार और राजनीति के क्षेत्र में है |

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