
कुचामन सिटी। राज्य सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचार-आधारित शिक्षा को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत पीएमश्री जवाहर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कुचामन सिटी में सोमवार को STEM (Science, Technology, Engineering & Mathematics) आधारित तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण कुचामन ब्लॉक के विज्ञान एवं गणित विषय अध्यापकों के लिए आयोजित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कुचामन भंवरलाल खोखर द्वारा किया गया। उद्घाटन अवसर पर खोखर ने उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि STEM प्रशिक्षण में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच, समस्या समाधान क्षमता एवं नवाचार की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि कक्षा शिक्षण में गतिविधि आधारित शिक्षण, प्रयोग, मॉडल निर्माण एवं वास्तविक जीवन से जुड़े उदाहरणों का अधिकाधिक उपयोग करें, जिससे विद्यार्थियों की सीखने की रुचि बढ़े।
प्रशिक्षण शिविर प्रभारी रामेश्वर लाल जाट (ACBEO), ब्लॉक कुचामन ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कक्षा 6 से 10 तक अध्यापन करवाने विद्यार्थियों को विज्ञान एवं गणित विषयों को रुचिकर, प्रयोगात्मक एवं जीवनोपयोगी ढंग से पढ़ाने हेतु शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों से सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में ब्लॉक के चयनित विद्यालयों के विज्ञान एवं गणित विषय पढ़ाने वाले शिक्षक भाग ले रहे हैं।
कार्यक्रम में पीएमश्री जवाहर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कुचामन की प्रधानाचार्य श्रीमती मंजू चौधरी ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षणार्थियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की शैक्षणिक दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होते हैं। उन्होंने प्रशिक्षण के सुचारु संचालन हेतु विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों एवं व्यवस्थाओं की जानकारी भी साझा की।
इस अवसर पर संदर्भ व्यक्ति (RP) आनंद डॉडवाडिया द्वारा प्रतिभागी शिक्षकों को STEM शिक्षण की अवधारणा, उद्देश्य, आवश्यकता एवं कक्षा स्तर पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि STEM पद्धति के माध्यम से विद्यार्थी केवल विषयवस्तु ही नहीं सीखते, बल्कि सोचने, विश्लेषण करने एवं समस्याओं के समाधान खोजने की क्षमता भी विकसित करते हैं।

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को हैंड्स-ऑन गतिविधियों, छोटे-छोटे प्रयोगों, परियोजना कार्य, मॉडल निर्माण तथा डिजिटल टूल्स के उपयोग के माध्यम से STEM शिक्षण को व्यवहार में लागू करने का अभ्यास कराया जा रहा है। प्रशिक्षण की भूमिका में मुख्य संदर्भ व्यक्ति प्रमोद कुमार, नरेश कुमार शर्मा, दीनदयाल स्वामी, सरवर खान, हनुमाना राम, नितेश बोहरा और व्यवस्थापक व्याख्याता राजेंद्र चौधरी रहे।
यह तीन दिवसीय STEM प्रशिक्षण शिविर आगामी दिनों में शिक्षकों को नवाचार-आधारित शिक्षण की दिशा में प्रेरित करते हुए विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कुचामन श्री भंवरलाल खोखर ने कहा कि“STEM आधारित शिक्षण वर्तमान समय की आवश्यकता है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच, नवाचार एवं समस्या समाधान की क्षमता विकसित होती है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 भी इसी प्रकार की गतिविधि आधारित एवं प्रयोगात्मक शिक्षा पर बल देती है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षक कक्षा शिक्षण को और अधिक प्रभावी, रुचिकर एवं व्यवहारिक बना सकेंगे, जिसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा।”
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