
दोस्तों क्विक न्यूज़ आज एक ऐसा विषय उठा रहा है जो की बहुत ही गंभीर है। इस विषय से परेशान तो सब है लेकिन शायद कोई इस पर अमल करना ही नहीं चाहता। बहरहाल बता दे क्विक न्यूज़ आज निजी स्कूलों की मनमानी पर आधारित कार्यक्रम कर रहा है। दोस्तों यह विषय इतना लंबा चौड़ा है कि इसे कवर करने के लिए हमें कम से कम पांच कार्यक्रम करने होंगे। इससे संबंधित आंकड़े एकत्रित करने के लिए हमने काफी मेहनत की है और इसे आप तक पहुंचा रहे है। तो दोस्तों एक लाइक सब्सक्राइब और शेयर को बनता ही है। सभी दर्शकों से निवेदन है कि आप सभी चैनल को लाइक सब्सक्राइब और शेयर अवश्य करें। ताकि हमारा हौसला बना रहे।

तो दोस्तों शुरुआत करते हैं कुचामन से ही वैसे यह विषय पूरे भारत के लिए एक समस्या है। लेकिन शुरुआत सिर्फ कुचामन सिटी से तो दोस्तों शुरुआत करते हैं कुचामन सिटी से ही कुचामन सिटी को शिक्षा नगरी के नाम से जाना जाता है और इस शहर को यह नाम दिलाने का श्रेय देखा जाए तो सिर्फ और सिर्फ कुचामन विकास समिति को ही जाता है। सागरमल बानुड़ा आदर्श विद्या मंदिर से शुरू हुआ यह सफर आज कुचामन के कई शिक्षण संस्थानों तक पहुंच चुका है। अभी हाल ही में विकास समिति ने एक स्वागत योग्य कदम भी उठाया है। विकास समिति द्वारा संचालित संस्था सागरमल बानुड़ा आदर्श विद्या मंदिर के विद्यार्थियों को स्कूल ड्रेस,किताबें,जूते मोज़े,टिफिन आदि विकास समिति के सौजन्य से उपलब्ध करवाई जा रही है।

इसी तरह विकास समिति द्वारा संचालित एचपी काबरा गर्ल्स कॉलेज की छात्राओं को भी यह सभी सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध करवाई जाती है। वाकई स्वागत योग्य कदम है। लेकिन यहां भी एक प्रश्न खड़ा होता है। विकास समिति द्वारा संचालित एक और संस्थान है श्रीमती चुंकि देवी महादेव लाल भोमराजका केवीएस पब्लिक स्कूल।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध यह विद्यालय कुचामन की बेहतरीन स्कूलों में से एक है । बेहतरीन प्रशिक्षित स्टाफ यहां की खासियत है।और सबसे बड़ा भवन खेल मैदान भी अपने आप में मायने रखता है। लेकिन लगता यह है कि विकास समिति के प्रशासन अन्य संस्थाओ पर जितना ध्यान देता है उतना इस स्कूल पर नहीं देता है। जबकि यह स्कूल अपने अनुशासन की वजह से बेहतरीन स्कूल है।और यहां के विद्यार्थी भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

सवाल यह है कि यदि विकास समिति द्वारा अन्य दो विद्यालयों को सुविधाऐ दी जाती है तो केवीएस स्कूल को ऐसा क्या बिगाड़ा है। जो उन्हें कुछ भी नहीं मिलता यह तो वही बात हुई ना कि एक बाप के तीन बेटे जो बेटा सबसे ज्यादा अच्छा है उसे कुछ भी नहीं बाकी बेटों को सब कुछ।

यहां हम बताते चले की हम विकास समिति से किसी तरह की कमी कतई नहीं निकल रहे। बल्कि विकास समिति अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश जी काबरा सिर्फ मेरे लिए ही नहीं कुचामन के काफी लोगों के लिए आदर्श है। हमारे दिल में उनके प्रति बहुत सम्मान है। लेकिन उनसे निवेदन है कि सभी संस्थाओं को बराबर समझते हुए निर्णय ले।

दोस्तों निजी स्कूलों का जहां बोलबाला है विकास समिति द्वारा संचालित स्कूल ही है जो कुचामन में बच्चों के योग्य है। आने वाले भागों में हम आप तक पहुंचाएंगे पाठ्यक्रम, यूनिफार्म आदि की असलियत। साथ ही किस तरह निजी विद्यालय( शिक्षा की दुकाने ) ने लूट मचा रखी है। साथ ही मानसिक अवसाद झेलते बच्चों की स्थिति जो की विख्यात मनोचिकित्साको की राय पर आधारित है। तो इंतजार कीजिए आने वाले कल के क्विक न्यूज़ के विशेष कार्यक्रम का।
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