
गौ सेवा के नाम पर किस तरह आम आदमी और सरकार को लूटा जाता है इसका प्रत्यक्ष उदाहरण आज सामने आया। दरअसल कुचामन क्षेत्र की सबसे पुरानी और सबसे बड़ी गौशाला द्वारा बिजली चोरी का मामला क्विक न्यूज़ के सामने आया गहरी पड़ताल और सभी दस्तावेजों की जांच के बाद निष्कर्ष निकला कि इस गोरख धंधे में ना सिर्फ गौशाला कमेटी ही लिप्त है बल्कि विद्युत विभाग के अधिकारियों की लिप्तता भी सामने आ रही है। आइये जानते है पूरी बात।

विगत 16 जुलाई 2025 को विद्युत विभाग की सतर्कता टीम ने पूरे डीडवाना कुचामन जिले के विभिन्न शहरों में विद्युत चोरी की जांच की। इसमें श्री कुचामन गौशाला द्वारा घरेलू कनेक्शन का खुलेआम व्यावसायिक प्रयोग पाया गया। जिस पर सतर्कता टीम ने 62,211 रूपये की वीसीआर भरकर जुर्माना वसूला। अब यहां गौरतलब है की गौशाला परिसर में ही एक प्राचीन रघुनाथ जी का मंदिर भी स्थित है। मंदिर पुजारी और गौशाला प्रबंधक के बीच संपत्ति विवाद भी है। जिसका विगत गोपाष्टमी पर दोनों पक्षों के मध्य विधायक श्री बालमुकुंद आचार्य जी की उपस्थिति में आपस में झगड़ा भी हुआ था जिसकी खबर प्रमुख समाचार पत्रों में प्रमुखता से छापी गई थी।

तो मंदिर पुजारी के पुत्र श्री वेद प्रकाश द्वारा आरटीआई के माध्यम से सूचना ली गई तो पाया गया की गौशाला ट्रस्ट काफी लंबे समय से अवैध तरीके से विद्युत विभाग का आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा है। वीसीआर भरने के एक माह बाद दिनांक 14अगस्त 2025 को सहायक अभियंता ने श्री कुचामन गौशाला ट्रस्ट को नोटिस भी जारी किया जिसमें कमर्शियल कनेक्शन लेने हेतु निर्देशित किया गया। उपरोक्त सभी दस्तावेज़ आपकी स्क्रीन पर आप देख सकते हैं।

लेकिन नोटिस देने के बावजूद आज तक गौशाला के बाहर स्थित दुकानों के कनेक्शन गौशाला से ही पीछे से छेद करके चलाए जा रहे हैं प्रस्तुत वीडियो में आप स्पष्टतः यह भी देख सकते हैं। जबकि वीसीआर भरने के बाद कनेक्शन को विच्छेद करने का प्रावधान है। लेकिन यह सब गोरख धंधा आज भी बदस्तूर जारी है। प्रश्न यह उठता है कि जब सारी स्थिति स्पष्ट है तो विभाग के कर्मचारी कोई कार्यवाही क्यों नहीं कर रहे हैं। गौर तलब है कि दिनांक 24 नवंबर को सहायक अभियंता ने एक पत्र के माध्यम से यह भी स्पष्ट किया कि अब विद्युत चोरी नहीं की जा रही है।

जबकि प्रस्तुत वीडियो में स्पष्ट है की चोरी बदस्तूर जारी है। जो की क्विक न्यूज़ द्वारा दो दिन पहले ही लिया गया है। बात यही नहीं रूकती दोस्तों गौशाला ट्रस्ट के अध्यक्ष द्वारा एक पत्र भी विभाग को लिखा गया जो कि आपकी स्क्रीन पर मौजूद है उक्त पत्र में लिखा गया की गौशाला से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना किसी अन्य व्यक्ति को नहीं दी जाए। सोचने वाली बात यह है दोस्तों की सरकारी अनुदान और गौ भक्तों द्वारा किए गए दान के साथ कितना न्याय होता है उपरोक्त घटनाक्रम से आप अंदाजा लगा सकते हैं। साथ ही आम आदमी का थोड़ा सा भी बकाया हो जाने पर विद्युत विभाग किस तरह का सलूक उनके साथ करता है दर्शकों से छिपा नही हे |
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