Wednesday , 22 April 2026

धर्म कर्म

कर्मफल

कर्म-फल आज नहीं तो कल भोगना ही होगा यदि कर्म का फल तुरन्त नहीं मिलता तो इससे यह नहीं समझ लेना चाहिए कि उसके भले-बुरे परिणाम से हम सदा के लिए बच गये। कर्म-फल एक ऐसा अमिट तथ्य है जो आज नहीं तो कल भुगतना अवश्य ही पड़ेगा। कभी-कभी इन परिणामों में देर इसलिये होती है कि ईश्वर मानवीय बुद्धि …

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मनोबल की शक्ति : एक दैवी अनुभूति

मनोबल की शक्ति : एक दैवी अनुभूति साधनों के आधार पर सफलताएँ मिलती हैं । साधनों को ही “बल” भी कहते हैं । प्रत्यक्ष बलों में धनबल, बाहुबल, शस्त्रबल, बुद्धिबल आदि प्रमुख हैं, पर इन सबसे बढ़कर है “मनोबल” । “मनोबल” का तात्पर्य शिक्षा की कल्पना, बहुज्ञता, अनुभवशीलता से नहीं वरन् “दृढ़ निश्चय” से है । यह यदि आदर्शों के …

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