
कुचामन सिटी।
गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति भारत इकाई कुचामन सिटी के तत्वावधान में डीडवाना रोड स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय उगरपुरा में “मातृ-पितृ चरण वंदन” कार्यक्रम का गरिमामय एवं भावपूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के पूजन-अर्चन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।समिति के शाखा अध्यक्ष सत्यप्रकाश शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों ने विधिवत रूप से अपने माता-पिता के चरण प्रक्षालन कर तिलक लगाया, पुष्पमाला अर्पित की एवं मुँह मीठा कराकर उनका वंदन किया। बच्चों ने श्रद्धा, विनम्रता एवं कृतज्ञता भाव से आरती कर अपने माता-पिता के प्रति सम्मान व्यक्त किया। इस भावुक क्षण ने उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों को भावविभोर कर दिया।

समिति के सचिव परमानंद अग्रवाल ने विद्यार्थियों को जीवन में सदैव माता-पिता का सम्मान एवं आज्ञापालन करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा ही सच्ची भक्ति एवं सफलता का मूल मंत्र है। इस अवसर पर अभिभावकों को समिति की ओर से सद्साहित्य भी वितरित किया गया।समिति के साधक डॉ. प्रकाश चंद टेलर ने कविता के माध्यम से मातृ-पितृ चरण वंदन का आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व बताया। वहीं “मात-पिता मेरे भगवान” गीत की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को भावमय बना दिया और कई अभिभावकों की आँखें नम हो गईं।

विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं पीईईओ नरेंद्र कुमावत ने समिति के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में संस्कार, अनुशासन एवं कृतज्ञता की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में विजय लक्ष्मी, पूनम नेत्रा, रेखा शर्मा, विनीता चतुर्वेदी, डॉ. ईश्वरराम बेड़ा, बाबूराम, मधु शर्मा, सुशीला, गहन, जमना कुमारी, विमला घोटिया, दिलीप सिंह, तीजू देवी, गीता देवी, ओम प्रकाश कुमावत, नंद किशोर सहित अनेक अभिभावक एवं समिति सदस्य उपस्थित रहे।
यह आयोजन विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण एवं पारिवारिक मूल्यों के संवर्धन की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल सिद्ध हुआ।
Quick News News as quick as it happens