Saturday , 21 February 2026

मखमली शास्त्रीय पार्श्व गायक : मन्ना डे

 स्वागत है संगीत सिनेमा के आज के एपिसोड में। संगीत सिनेमा में आज बात करते हैं उसे कलाकार की जिसके गाए हर गाने में एक क्लासिकल टच होता था एक विशेष वर्ग उसका अंध प्रशंसक  हुआ करता था। बात करते हैं मन्ना दा की, पूरा नाम प्रबौध चंद्र डे लेकिन फिल्मी मंच पर प्रसिद्ध नाम मन्ना डे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त भारतीय संगीत पार्श्व गायक, संगीत निर्देशक, संगीतकार और शास्त्रीय गायक। भेंडी बाजार घराना से संबंधित मन्ना डे ने उस्ताद अहमद अली खान से संगीत की शिक्षा ली थी। तो आईए बात करते हैं मन्ना डे के गाए हुए टॉप 10 खूबसूरत फिल्मी गानों की।

1. राग बिहाग पर आधारित गीत “जिंदगी कैसी है पहेली है” फिल्म आनंद में राजेश खन्ना पर फिल्माया गया यह गीत मन्ना दा के अंदाज में जब सामने आया तो हर दर्शक की हर श्रोता को जिंदगी के मायने समझ आने लगे। सुनिए यह मधुर गीत मन्ना डे की आवाज में।

2. “चलत मुसाफिर मोह लियो रे” फिल्म तीसरी कसम का यह गीत कल्ट क्लासिक फिल्म तीसरी कसम से है।राज कपूर वहीदा रहमान अभिनीत इस फिल्म मैं एक से बढ़कर एक गाने थे। लेकिन यह गाना अपने आप में अलग पहचान रखता है। मन्ना डे की आवाज में सुनिए यह पारंपरिक भोजपुरी लोकधुन पर आधारित गीत और साथ में गुनगुनाइए।

3. “तू प्यार का सागर है” फिल्म सीमा नूतन और बलराज साहनी जैसे सशक्त कलाकार और गीत तू प्यार का सागर है आज भी लोग भजन के रूप में इस गीत को गाते हैं राग दरबारी पर आधारित यह गीत अपने आप में बहुत ही शानदार गीत बन चुका है।

4. सुर ना सजे क्या गाऊ में फिल्म बसंत बहार का यह गीत बसंत राग पर ही आधारित है इस गीत में मन्ना दा बड़े सधे हुए सुरों में ऐसा जादू बिखरते है कि उसे समय के भजन गायको में यह  गाना आदर्श बन जाता है। लीजिए सुनते हैं इस गाने को भी।

5. “पूछो ना कैसे मैंने रैन बिताई” फिल्म मेरी सूरत तेरी आंखें राग भैरवी तत्कालीन प्रेमियों का आदर्श गीत अपनी प्रेमिकाओं को तब के युवा बड़ी शिद्दत के साथ इस गीत को सुनते थे।

6. “ए मेरी जोहरा जबी” बहुत कम गाने ऐसे हुए जो कि किसी अधेड़ उम्र व्यक्ति की बात को कहते हो ऐसे ही फिल्म वक्त का यह गाना है मेरी जोहरा जबी आज भी जब शादी ब्याह का कार्यक्रम होता है। तो अधिक व्यक्तियों द्वारा अपनी पत्नी को यह गीत सुनाया जाता है और बरबस ही एक मुस्कराहट सी चेहरे पर छा जाती है।

7. “कसमे वादे प्यार वफ़ा सब” यही वह गाना था जिसने हिंदी सिनेमा के इतिहास में सबसे खतरनाक खलनायक प्राण की इमेज को बदलकर रख दिया था। फिल्म उपकार का यह गीत जिंदगी की असलियत से रूबरू कराता है। सुनिए यह गीत जो की राग भैरवी पर आधारित है।

8. “झनक झनक तोरी बाजे पायलिया” राग दरबारी जब कभी भी संगीत के मर्मज्ञ एक साथ बैठते हैं तो इस गाने का जिक्र अवश्य ही होता है सुनिए एक महान शास्त्रीय गीत मन्ना डे की आवाज में। फिल्म थी मेरे हुजुर , कलाकार थे राज कुमार ,जीतेंद्र,और माला सिन्हा |

9. “लागा चुनरी पर दाग” राग भैरवी पर आधारित एक कालजई रचना कालजई गीत इस गीत में जो तराना मन्ना डे ने पेश  किया था बहुत ज्यादा रियाज के बावजूद अच्छे-अच्छे गायको के पसीने छुड़ा देता है। सुनिए फिल्म दिल ही तो है का यह गीत और जीत के साथ ही इसका तराना भी।

10. “ए मेरे प्यारे वतन” और अंत में राग शिवरंजनी पर आधारित गीत मन्ना दा की आवाज में गाया यह गीत भारत के शहीदों की याद दिलाता है। वह शहीद जो आजादी की लड़ाई में लड़ते-लड़ते काला पानी की सजा भोगते रहे लेकिन झुके नहीं। इस गीत को जब भी कोई सुनता है आंखों में आंसू निकल ही आते हैं।

 तो दोस्तों ऐसे कमाल के गायक हैं मन्ना डे एक गीत का जिक्र करता हूं फिल्म पड़ोसन का गीत एक चतुर नार बड़ी होशियार। किशोर दा और मन्ना डे। एक तरफ मन्ना डे का शास्त्रीय अंदाज और दूसरी तरफ किशोर दा की मौज मस्ती भरा खिलन्दड पन। अच्छे-अच्छे की हंसी छुड़वा देता है। तो धन्यवाद दोस्तों आभार शुक्रिया।

About Manoj Bhardwaj

Manoj Bhardwaj
मनोज भारद्धाज एक स्वतंत्र पत्रकार है ,जो समाचार, राजनीति, और विचार-शील लेखन के क्षेत्र में काम कर रहे है । इनका उद्देश्य समाज को जागरूक करना है और उन्हें उत्कृष्टता, सत्य, और न्याय के साथ जोड़ना है। इनकी विशेषज्ञता समाचार और राजनीति के क्षेत्र में है |

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